North east में किडनैप लखनऊ के अखिलेश का नहीं लगा कोई सुराग, CM योगी ने मेघालय के मुख्यमंत्री से की बात 

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। कुर्सी रोड स्थित बेनीगंज इलाके में रहने वाले भारी वाहन के मकैनिक और सुपरवाइजर 49 वर्षीय अखिलेश सिंह चौहान का मेघालय की दक्षिण गारो हिल्स में अपहरण हो गया था। कांट्रेक्टर ने अखिलेश की पत्नी शीला सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। पत्नी ने बताया कि कांट्रेक्टर के साथ करीब छह माह से वहां पुल निर्माण में कार्य कर रहे थे। पति के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए उत्तर प्रदेश और मेघालय सरकार से मदद की गुहार लगाई है। वहीँ इस पूरे मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेघालय के सीएम कोनराड संगमा से बात की है। मिली जानकारी के अनुसार सीएम योगी ने मेघालय के सीएम से अखिलेश की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने को लेकर जरूरी कदम उठाने को कहा है। 

मूलत: गाजीपुर जिले के दुल्लापुर निवासी अखिलेश सिंह चौहान भारी वाहनों के मकैनिक के अलावा निर्माण के दौरान टीम को मशीनों का सुपरवाइज भी करते हैं। करीब तीन वर्ष से उनका परिवार गुड़ंबा के बेनीगंज इलाके में किराए के मकान में रहता है। पत्नी शीला सिंह चौहान ने बताया कि पति जानकीपुरम के पंचवटी पार्क के पास रहने वाले कांट्रेक्टर आरके के साथ काम कर रहे हैं। आरके वर्तमान में मेघालय के भागमारा के खारोकल में रोंडिक पुल का निर्माण करा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मंगलवार रात 11:30 बजे पति से मोबाइल पर बात हुई थी। रात करीब तीन बजे आरके ने फोन कर पति के अपहरण की जानकारी दी। कांट्रेक्टर ने बताया कि पति के अपहरण की रिपोर्ट मेघायल के स्थानीय सिजु थाने में दर्ज करा दी है। सिजु पुलिस जंगलों में तलाश कर रही है। वहीं शीला ने कांट्रेक्टर पर रुपयों के लेन-देन को लेकर पति के साथ अनहोनी कराने की आशंका जताई है।

कांट्रेक्टर के साथ करीब 10 वर्ष से काम कर रहे हैं अखिलेश
शीला चौहान ने बताया पति अखिलेश कांट्रेक्टर आरके के साथ 10 वर्ष से काम कर रहे हैं। छह माह पहले छठ पूजा के बाद वह काम पर मेघालय गए थे। शीला ने बताया कि कांट्रेक्टर रुपये देने में हीला हवाली करते हैं। उनके पास काफी रुपये बाकी हैं। कई बार कहने पर 18 मार्च को कुछ रुपये दिये थे। जो बच्चाें की फीस व घरेलू कार्यों में खर्च हो गए। घटना के बाद से परिवारजन काफी परेशान हैं। शीला का कहना है कि आरके से अपहरणकर्ताओं से फिरौती आदि की बात जानने के लिए फोन किया तो कोई जवाब नहीं दिया।

बांग्लादेश की सीमा से सटा है कार्यस्थल
कांट्रेक्टर पुल निर्माण का स्थान बांग्लादेश की सीमा से सटा है। यहां से बांग्लादेश की दूरी महज पांच से 10 कि.मी. बताइ जा रही है। ऐसे में अपहरणकर्ताओं का ठिकाना बांग्लादेश में होने की भी आशंका है। यह भी चर्चा है कि अपहरणकर्ता कांट्रेक्टर का ही अपहरण करने आए हाें और उनके धोखे अखिलेश सिंह चौहान का अपहरण कर ले गए हों।

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