Bareilly News: केंद्रीय कारागार-दो में फंदे पर लटककर बंदी ने की आत्महत्या, पिता ने लगाया हत्या का आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। केंद्रीय कारागार-दो में बंदी ने कैंटीन में गमछे से फंदा लगा लिया। जेल कर्मचारियों ने उसे फंदे से उतारकर जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। आरोपी जेल में पॉक्सो एक्ट के मामले में बंद था। पिता ने जेल अधिकारियों और कर्मचारियों पर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है।

किला थाना क्षेत्र के चंदननगर निवासी दुर्गा प्रसाद सक्सेना ने बताया कि उनके बेटे अमर सक्सेना (21) ने वर्ष 2019 में सुभाषनगर थाना क्षेत्र की एक किशोरी से प्रेम विवाह किया था। नाबालिग होने पर पुलिस ने किशोरी को उसके परिजनों को सौंप दिया। किशोरी के परिजनों की शिकायत पर अमर के खिलाफ छेड़छाड़, धमकी देने और पाक्सो एक्ट की धाराओं में सुभाषनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। 

कोर्ट में पेश न होने पर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे। 5 मार्च को सुभाषनगर पुलिस ने अमर सक्सेना को गिरफ्तार करके केंद्रीय कारागार-2 में भेज दिया था, तब से वह जेल में बंद था। शनिवार शाम को अमर कैंटीन के खाली पड़े हिस्से की ओर गया और वहीं पर गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी।

बंदी रक्षक पर कार्रवाई
केंद्रीय कारागार में बंदी ने जिस जगह फंदा लगाया वहां ताला लगा दिया जाता था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन मिश्र ने बताया कि बंदी रक्षक अनिल त्रिवेदी ने लापरवाही के चलते ताला नहीं लगाया था, जिस वजह से यह घटना हुई। लापरवाही बरतने पर बंदी रक्षक अनिल त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

बेटे की मौत को छिपाते रहे जेल अफसर
पोस्टमार्टम हाउस पर अमर सक्सेना के पिता दुर्गाप्रसाद ने बताया कि उनके बेटे की मौत की सूचना जेल अधिकारियों ने नहीं दी। किला पुलिस कर्मियों ने बताया कि उसकी हालत खराब है। मौके पर पहुंचे तो जेल कर्मचारियों ने बताया कि अमर का पेट खराब था, जिस वजह से भर्ती कराया गया। जब वह अमर के पास पहुंचे तब पता चला कि उसकी मौत हो गई है।

शनिवार को बंदी रक्षक ने कैंटीन की ओर खाली पड़े स्थान पर गमछे से आत्महत्या कर ली थी। इस प्रकरण में बंदी रक्षक की लापरवाही सामने आई है। बंदी रक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। -अविनाश गौतम, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, केंद्रीय कारागार

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