लखनऊ का तिहरा हत्याकांड मामला, पुलिस ने मृतका का किया अंतिम संस्कार, बच्चों को शवों को दफनाया

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लखनऊ, अमृत विचार। बिजनौर थाना अंतर्गत सरवन नगर में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने मृतका ज्योति के मायके वालों से सम्पर्क किया, लेकिन उन्होंने अंत्येष्टि में आने से साफ इंकार कर दिया। मुम्बई के भिवानी निवासी ज्योति के चाचा ने पुलिस ने फोन पर कहा कि जब वह घर से भाग कर गई थी। तभी उनके लिए वह मर गई। अब मेरे आने न आने का कोई मतलब नहीं।

उधर, बलरामपुर जनपद के देवरिया मुबारकपुर के रतनपुर के रहने वाले हत्यारोपित राम लगन के परिवारीजन ने भी आने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद ज्योति का विद्युत शव दाह में अंतिम संस्कार किया। तीन साल के बेटे आनंद और छह वर्षीय बेटी पायल का शव दफनाया गया। दोपहर पुलिस ने हत्यारोपी राम लगन को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। रामलगन ने अवैध संबंधों के शक में तीनों की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

 रविवार को दुर्गंध आने पर मकान मालिक अमृत लाल गौतम का बेटा मकान में पहुंचा तो तीनों के शव कमरे में मिले थे। ज्योति का शव फर्श पर पड़ा था, जबकि आनंद और पायल का उसने बोरी में भर दिया था। एडीसीपी दक्षिणी शशांक सिंह ने बताया कि दोनों के परिवारीजन के न आने पर शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने किया है।

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