राधे ने बना ली सपा से दूरी, अब हो रही रामनवमी उत्सव की तैयारी !

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अखिलेश के आगमन सहित गठबंधन बैठक में भी नहीं पहुँचे थे पूर्व सपा विधायक राधेश्याम जायसवाल

सीतापुर,अमृत विचार। सीतापुर सदर विधानसभा सीट से कई बार सपा विधायक रहे राधेश्याम जायसवाल अब सपा से दूरी बनाते नज़र आ रहे हैं। पार्टी के कार्यक्रमो में उनकी गैरमौजूदगी चर्चा का विषय भी रही। वहीं जिले में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आगमन पर भी राधेश्याम या उनके पुत्र सचिन जायसवाल मिलने तक नहीं गए। राजनीति के गलियारों में यह सब खूब चर्चा का विषय रहा। इसके साथ ही पूर्व विधायक उनके पुत्रव पुत्र वधू की फ़ोटो के साथ अगामी रामनवमी के दिन उत्सव मनाने की तैयारी का पोस्टर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
                  
समाजवादी पार्टी से कई बार विधायक व नगर पालिका चेयरमैन रहे राधेश्याम जायसवाल के बिना पार्टी की कोई महत्वपूर्ण बैठक पूरी नहीं होती थी, लेकिन वक्त बदला तो सब कुछ बदलने लगा। विधायकी का चुनाव हारने के बाद पुत्र को नगर पालिका की गद्दी पर आसीन कराने की चाह ने भाजपा से नजदीकी पर खूब चर्चा हुई। आखिर में राधे ने सपा के टिकट पर ही अपनी बहू को नगरपालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ाया। लेकिन फिर से भाजपा प्रत्याशी नेहा अवस्थी से हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव के बाद से राधेश्याम और उनके बेटे और बहू का समाजवादी पार्टी से मोह से भंग होने लगा। गठबंधन की ओर से पूर्व विधायक राकेश राठौर को लोस प्रत्याशी घोषित किया गया। चुनाव को लेकर पार्टी कार्यालय पर बैठक भी हुई, लेकिन राधेश्याम जायसवाल और उनके बेटे सचिन जायसवाल इन बैठकों से गायब ही रहे। 

इसके बाद कुछ दिन पहले लहरपुर से विधायक अनिल वर्मा के घर पधारे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात करने यह पिता पुत्र नहीं पंहुचे। जिसके बाद से राधेश्याम और सचिन जायसवाल की सपा से दूरी की चर्चा आम हो गई। इसके साथ ही राधे के परिवार की ओर से की जा रही रामनवमी उत्सव की तैयारी को लेकर भी शहर में काफी चर्चा है। तैयारी के पोस्टर में पार्टी के झंडे वाला रंग अब गायब नज़र आ रहा है।

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