Bareilly News: बोर्ड में पास हुए प्रस्ताव मगर नहीं हुए काम, पार्षदों ने जाहिर की नाराजगी

Bareilly News: बोर्ड में पास हुए प्रस्ताव मगर नहीं हुए काम, पार्षदों ने जाहिर की नाराजगी

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम की तीन महीने पहले हुई बोर्ड बैठक में विकास कार्यों को पूरा करने के आदेश दिए गए थे लेकिन इन्हें अभी पूरा नहीं किया गया है। मेयर और पार्षदों की ओर से पारित प्रस्तावों की नगर निगम के इंजीनियर अनदेखी कर रहे हैं। आचार संहिता लागू होने से पहले हर वार्ड में छोटे-बड़े कार्यों के लिए तीन-तीन लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ था। काम न होने पर पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की है।

मार्च में नगर निगम की बोर्ड बैठक में वार्डों में सड़क, पुलिया समेत अन्य छोटे-बड़े कामों के लिए 15वें वित्त से बजट पास हुआ था ताकि आचार संहिता लागू होने का असर न पड़े लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। पार्षदों का आरोप है कि टेंडर किए जा रहे हैं लेकिन उसमें आपत्ति लगाकर निरस्त कर दिया जा रहा है, जबकि छोटे कार्य कोटेशन के आधार पर होने थे। 

लोगों की समस्याओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है लेकिन निर्माण विभाग के इंजीनियर बातों को अनसुना कर रहे हैं। इससे समस्या जस की तस बनी हुई है। अब डर सता रहा है कि आचार संहिता हटने के बाद बारिश का मौसम आ जाएगा। इससे कार्य प्रभावित होगा।

आजम नगर में सड़क खराब
आजमनगर में काफी समय से सड़क खराब है। इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव दिया गया था लेकिन अभी तक सड़क नहीं बनी है। इसकी वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद सहित कई लोगों ने सड़क निर्माण के लिए कई बार नगर निगम से शिकायत की लेकिन हर बार टेंडर का बहाना बना दिया जाता है। इससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

जलभराव से निजात नहीं
पशुपति नाथ मंदिर के पास एक जगह पर सड़क टूटी हुई है। इसके कारण यहां पर बिना बारिश के ही जलभराव रहता है। छोटे कार्य के लिए लोगों ने कई बार नगर निगम से गुहार लगाई लेकिन केवल आश्वासन मिला लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका है, जबकि यह मामला भी बोर्ड बैठक में रखा गया था।

पार्क बदहाल
बदायूं रोड पर विश्वनाथपुरम का पार्क काफी समय से बदहाल है। जगह-जगह गंदगी है और झूले आदि टूटे हुए हैं। पूर्व पार्षद रवींद्र यादव ने बताया कि पार्क को लेकर कई बार शिकायत की गई लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका है। पार्क में ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। इससे हादसा होने का भय बना रहता है।

चुनाव से पहले छोटे और बड़े कार्यों को लेकर सदन में चर्चा हुई थी और प्रस्ताव भी दिए गए थे पर एक भी कार्य वार्ड में नहीं हुआ है। निर्माण विभाग कभी टेंडर तो कभी चुनाव आचार संहिता का बहना बना कर टाल दे रहा है। जिससे कार्य अटके हुए हैं।-राजेश अग्रवाल, पार्षद

छह महीने पहले पुलिया के निर्माण के लिए प्रस्ताव दिया था लेकिन अभी तक समस्या का निदान नहीं हो सका है। हर बार टेंडर करते हैं फिर उसको निरस्त कर दिया जाता है। निर्माण विभाग में कोई सुनने को तैयार ही नहीं है। बिना कारण के आपत्ति लगा दी जाती है।- सलीम पटवारी, पार्षद

कोटेशन के आधार पर पुलिया, पैचवर्क का निर्माण होना था। इसके लिए फाइल तैयार की गई थी पर कार्य हुए नहीं है। निर्माण विभाग की लापरवाही से कार्य नहीं हो पाया है। आचार संहिता लागू होने का बहाना है लेकिन इससे पहले तो इन कामों को पूरा कर लिया गया होता।-गौरव सक्सेना, पार्षद

पार्षदों के प्रस्ताव पर काम कराए गए हैं। इसके लिए निर्माण विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं। आचार संहिता समाप्त होने के बाद कार्य तेजी से पूरा कर लिए जाएंगे।- एसके यादव, अपर नगर आयुक्त

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