सीतापुरः नदियों का जलस्तर गिरने से कटान में तेजी, 35 से अधिक घर बहे
सीतापुर,अमृत विचार। पहाड़ों पर थमी बारिस और बैराजो से कम हुए पानी के डिस्चार्ज से गांजरी इलाके में नदियों का जलस्तर घटता जा रहा है, लेकिन कटान में इजाफा होने के लोग मुश्किल दौर में गुजर रहे है। कटान से दर्जनों घर नदी में समाहित हो चुके है और दर्जनों मकान नदी में समाने के इन्तजार में खड़े है। प्रशासन पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाने का हर सम्भव प्रयास कर रहा है जबकि पीड़ितों के सामने राहत सामग्री ऊंट के मुंह में जीरा के समान साबित हैं।

विकासखंड रेउसा के ग्राम रतनगंज में नदियों के जलस्तर से कटान तेज हो गया। घाघरा की लहरें लोगो को डरा रही। नदियां पक्के मकानों को अपने आगोश में लेती जा रही है। कटान की भयावाह स्थिति देखकर लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे है। स्थानीय पीड़ितों ने बताया कि मस्जिद समेत 35 मकान शुक्रवार तक नदी में समाहित हो चुके है। ग्रामीणों के अनुसार 40 मकानो पर कटान की तलवार लटक रही है। नदी के तेज बहाव में किसी भी वक्त मकान समाहित हो सकते है। ग्रामीणों ने बताया कि शिव मंदिर का अस्तित्व खतरे में है जबकि मस्जिद पहले ही कटकर समाहित हो चुकी है। ग्राम डबकहा, कासीपुर तंबौर रोड पर लोग डेरा जमा रखा हैं जबकि प्रशासन रत्नगंज में डेरा जमा रखा। कटान रोकने के लिए चल रहा सिंचाई विभाग काम बेहद धीमी गति से होने से कटान की स्थिति बढ़ती जा रही है। तहसीलदार उमाशकर त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों को काम में तेजी लाने को कहा गया है। शुक्रवार को बाढ़ पीड़ितों में करीब 1200 लंच पैकेट में बांटे गए है।
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