Unnao: गैर इरादतन हत्या के दोषी मां-बेटे को मिली 10-10 साल की सजा; पुरानी रंजिश के चलते दोनों ने युवक को उतारा था मौत के घाट

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव, अमृत विचार। पुरानी रंजिश के चलते युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोपी महिला व उसके बेटे को डीजे ने सुनवाई के बाद दोषी करार दिया। कोर्ट ने उन्हें 10-10 साल की सजा सुनाई है।  

बता दें कि असोहा थानाक्षेत्र के गांव टेडवा बम्हना के मजरा बरौली निवासी केतकी देवी ने गांव के रजनीश, उसकी मां रामरती व बहन रेनू पर अपने पति रामभजन की गैर इरादतन हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी तहरीर में उसने बताया था कि 5 जुलाई-2022 की देरशाम उसके घर के पास एक गुमटी में बैठे थे। 

तभी गांव का रजनीश उर्फ बहिरा पुत्र स्व. रामप्रसाद ने पति से गालीगलौज शुरू कर दी। पति ने विरोध किया तो रजनीश ने लाठी से पीटना शुरू कर दिया। जानकारी होने पर रजनीश की मां व बहन भी पहुंच गईं और तीनों ने पति को पीट-पीटकर घायल कर दिया। जिसकी भवानीगंज जनसेवा हास्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी मां, बेटे व उसकी बेटी को जेल भेजा था। 

आईओ सुरेश कुमार ने जांच के बाद 22 सितंबर-2022 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। गुरुवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के बाद जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी की दलीलों व पेश किए गए गवाहों के बयान के आधार पर जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव ने मां रामरती व उसके बेटे रजनीश को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई। वहीं रेनू के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उसे बरी कर दिया।

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