Unnao News: महज एक साल में ही बह गई 4.83 करोड़ की सड़क...गड्ढों में पानी भरने से हो रहे हादसे

Amrit Vichar Network
Published By Nitesh Mishra
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जुलाई-2023 में 4.83 करोड़ से हुआ था साढ़े सात किमी लंबे चमरौली-बिछिया मार्ग का निर्माण

उन्नाव, अमृत विचार। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत विभाग द्वारा करोड़ों से बनवाई गई सड़क भ्रष्टाचार के चलते डेढ़ साल में ही बह गई। सड़क पर जगह-जगह हुए गड्ढे घटिया निर्माण कार्य की गवाही दे रहे है। करीब साढ़े सात किमी लंबी इस सड़क की ऊपरी लेयर पूरी तरह गायब हो चुकी है। इसके नीचे से गिट्टियां निकलकर राहगीरों को जख्म दे रही हैं। साथ ही गड्ढों में बारिश का पानी भर रहा है। जिससे हादसे भी हो रहे है। 

विभागीय अफसरों का कहना है कि बारिश के समय में भार वाहन निकलने से ऐसी स्थिति आ जाती है। अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर जल्द ही इसका मेंटिनेंस करवाने का दावा किया है। बता दें कि ‘अमृत विचार’ ने हसनगंज क्षेत्र में बनी सड़कों हाल जाना। इसमें जब जुलाई-2023 में चमरौली से बिछिया तक बनी करीब साढ़े सात किमी लंबी सड़क को देखा गया तो उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। 

इस मार्ग का निर्माण शहर के पीडी नगर निवासी अरुण अवस्थी की कंपनी मेसर्स अरुण कंस्ट्रक्शन द्वारा 4 करोड़ 83 लाख 23 हजार की लागत से करवाया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि एक साल में ही सड़क पूरी तरह से टूटकर खराब हो चुकी है। हालात यह हैं कि बारिश की मार से सड़क के ऊपर की गिट्टियां निकलकर बाहर आ गई हैं और इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है। 

जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। हालांकि विभागीय अफसरों का मानना है कि बारिश से सड़क पूरी तरह से खराब हुई है। जिससे संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर मरम्मतीकरण करवाया जायेगा। वहीं ग्रामीणों का तर्क है कि इस तरह के घटिया निर्माण की जांच की जाए और संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई भी होनी चाहिए। 

निर्माण कंपनी को 5 साल तक करनी होती है देखभाल 

विभागीय नियमों के अनुसार सड़क निर्माण कराने वाली कंपनी को सड़क का रखरखाव समय-समय पर करना होता है। सड़क किनारे उगी घास व झाड़ियों की कटाई बारिश के समय में करनी होती है। सड़क किनारे की पटरी का रखरखाव भी करना होता है। 

वहीं, सड़क पर होने वाले गड्ढे व दायरे भरने होते हैं। साथ ही सड़क किनारे बनी नालियों व पुलियों का रखरखाव भी वर्ष में दो बार करना होता है। इसके अलावा सड़क किनारे लगे सूचना पटों व किमी पत्थरों का रखरखाव भी समय-समय पर करने के साथ वहां बनी पुलियों की पैरापेट की रंगाई-पुताई वर्ष में एक बार करनी होती है। 

बोले जिम्मेदार… 

संबंधित विभाग के एक्सईएन संजीव कुमार जैन ने बताया कि रूट डायवर्जन की वजह से भार वाहनों का आवागमन इस मार्ग भी अधिक हो रहा है। जिससे सड़क खराब हो गई है। इसके लिए एसडीएम को पत्र भी लिखा गया है। खराब सड़क के मेटिंनेंस की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होती है। संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर जल्द ही इस सड़क का मरम्मतीकरण कराया जायेगा।्र

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