लखीमपुर खीरी: अब जंगल की खुली हवा में सांस लेगा नर गैंडा, मादा को भी आजादी की आस...

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Published By Pradeep Kumar
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असम के काजीरंगा पार्क से आई एक्सपर्ट टीम मौके पर रही मौजूद

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दुधवा टाइगर रिजर्व के इतिहास में 28 नवंबर 2024 की तिथि भी अमिट रूप से दर्ज हो गई। आज यहां करीब 40 वर्षों बाद किसी गैंडे को खुली हवा में सांस लेने का पहला मौका मिला। सौर ऊर्जा विद्युत संचालित तार वाड़ से 15 वर्षीय रघु नाम के पहले नर गैंडे को असम के काजीरंगा पार्क से आई एक्सपर्ट टीम की देखरेख में रेडियो कॉलर लगाकर खुले जंगल में अवमुक्त कर दिया गया। अब जल्द ही तीन मादा गैंडे को छोड़े जाने की उम्मीद है।

प्रदेश के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दुधवा के खुले जंगल में गैंडों को छोड़े जाने की तैयारी करीब दो माह से चल रही थी। इसके लिए भारत सरकार के आदेश पर असम के गैंडा परिक्षेत्र वाले काजीरंगा पार्क से एक्सपर्ट टीम ने दुधवा टाइगर रिजर्व के वनाधिकारियों के साथ विगत दिनों कई बार बैठक व वार्ता कर आज का दिन निश्चित किया और फेज एक से करीब 15 वर्षीय रघु नाम के गैंडे को रेडियो कॉलर लगाकर अपनी देखरेख में तारवाड़ से बाहर अवमुक्त कराया। गैंडा ट्राली से नीचे उतरते ही जंगल की घनी, ऊंची घास में जा छिपा । गैंडे को मुक्त करने के बाद जहां दुधवा के वनकर्मियों ने चैन की सांस ली, वहीं एक्सपर्ट अन्य तीन गैंडों को अव मुक्त किए जाने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

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