अदनान मियां की मांग, नबी की शान में गुस्ताखी रोकने के लिए सरकार बनाए कानून
बरेली, अमृत विचार। उर्स-ए-रजवी व उर्स-ए-अमीन-ए-शरीअत के तीसरे और आखिरी दिन ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) मुख्यालय “बैतुर्रज़ा” पर कुल शरीफ का जलसा हुआ। नबीरा-ए-आला हजरत अफरोज रजा कादरी ने सरपरस्ती की। नबीरा-ए-आला हजरत व आरएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने सदारत की।
उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि नामूस-ए-रिसालत की हिफाजत हम सब पर लाजिम है। रसूल-ए-पाक की शान में अदना गुस्ताखी भी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मुल्क का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले कुछ लोग आए दिन नामूस-ए-रिसालत पर हमला करते रहते हैं। हुकूमत को चाहिए कि ऐसा कानून बनाए जिसमें रसूल-ए-पाक की शान में गुस्ताखी पर सख्त सजा हो।
उर्स के तीसरे दिन आरएसी मुख्यालय पर सुबह से ही अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। दस बजे के बाद जलसा शुरू हुआ। सबसे पहले मौलाना नसीम आसी ने कलाम-ए-पाक की तिलावत की। शायरों और नातख्वां ने नातो-मनकबत पेश की। मुफ्ती उमर रजा ने आला हजरत के इश्क-ए-रसूल पर तकरीर की। मौलाना अबरार रजा, मौलाना शरीफ रजा, मौलाना सय्यद सफदर रजा ने भी जलसे को खिताब किया। नबीरा-ए-आला हजरत शाहजादा-ए-अदनान-ए-मिल्लत अली रजा मियां ने आला हजरत का नातिया कलाम पढ़ा।
मुफ्ती आमिर जफर, फहीम अख्तर, आज़म रजा तहसीनी, मौलाना सद्दाम रजा, शुएब रजा, शबाब नूरी, मौलाना मीर हसन, जैनुलआबिदीन रजा ने नातो-मनकबत पेश की। आखिर में नबीरा-ए-आला अदनान मियां ने कहा कि कुछ ही दिन में ईद मीलादुन्नबी का मुबारक मौका आने वाला है। नबी-ए-करीम को दुनिया में तशरीफ लाए हुए 1500 साल पूरे होने जा रहे हैं। सारी दुनिया में अमन का पैगाम देने वाले नबी को सबसे बेहतर खिराज यही होगा कि हुकूमत एक ऐसा कानून बनाए जो नामूस-ए-रिसालत पर किए गए हमले पर सख्त से सख्त सजा दे।
हाफिज इमरान रजा बरकाती ने जलसे का संचालन किया। इस मौक पर नबीरा-ए-आला हजरत मौलाना हम्माद रजा कादरी, नबीरा-ए-आला हजरत व आरएसी के युवा अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्लाह रजा कादरी, उस्मान रजा खां, सय्यद सुबूर अली, हन्नानउद्दीन रजा, मौलाना कमरउज्जमां, मौलाना तौफीक, मौलाना सय्यद तौकीर, मौलाना अफजल रजा, मौलाना मुमताज, मौलाना जफर, हनीफ अजहरी, आदि मौजूद रहे।
