Good News: घरों में रखे निष्क्रिय सोने को आर्थिक शक्ति में बदलने की योजना, IBJA और My Gold के बीच एमओयू

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: घरों में पड़े निष्क्रिय सोने को एक उत्पादक संपत्ति के रूप में विकसित किए जाने को लेकर महानगर स्थित माई गोल्ड/माई वाल्ट कार्यालय पर इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (इब्जा) के बीच एमओयू साइन किया गया है। स्वर्णाभूषणों के क्षेत्र इसे एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

इस साझेदारी का मूल उद्देश्य भारत के पहले संरचित फिजिकल गोल्ड लीज़िंग इकोसिस्टम को औपचारिक रूप और उसे विस्तार देना है। इब्जा के नार्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी और माई गोल्ड के संस्थापक अमोल बंसल के बीच यह हस्ताक्षरित हुआ। एसोसिएशन देशभर में गोल्ड लीज़िंग के प्रति जागरूकता और औपचारिकता अभियान का नेतृत्व करेगा, ताकि आम परिवार और ज्वेलर्स इस नए आर्थिक अवसर का हिस्सा बन सकें। माई गोल्ड कंपनी इस ढांचे को लागू करेगी। इसका बेलमेंट आधारित, कानूनी रूप से अनुपालक एवं बीमित मॉडल परिवारों को अपने सोने को सुरक्षित रूप से लीज़ पर देने और उस पर मासिक गोल्ड किराया अर्जित करने की सुविधा देता है।

इससे परिवारों को मिलेगा स्थायी लाभः अब परिवार अपने विरासत के सोने से नियमित आय अर्जित कर सकेंगे, इसके स्वामित्व और सुरक्षा बरकरार रहेगी।ज्वेलर्स को मिलेगी सहूलियतः बुलियन नेटवर्क से जुड़े ज्वेलर्स और निर्माताओं को कानूनी रूप से अनुपालक सोने की आपूर्ति मिलेगी, जिससे कार्यशील पूंजी बेहतर होगी और ओवरस्टॉकिंग खत्म होगी। अनुराग रस्तोगी और अमोल बंसल ने बताया कि यह साझेदारी भारत में पहले मानकीकृत गोल्ड लीज़िंग फ्रेमवर्क की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो आरबीआई और वित्त मंत्रालय के औपचारिक स्वर्ण अर्थव्यवस्था के प्रयासों को मजबूती देगा।

 

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