यूपी में जापानी तकनीक से बनेंगे स्वास्थ्य उपकरण : YEIDA-MEJ के बीच एमओयू, शोध और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य उपकरण उद्योग को नई दिशा देने के उद्देश्य से यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और जापान की प्रमुख संस्था मेडिकल एक्सीलेंस जापान (एमईजे) के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ग्रेटर नोएडा में संपन्न हुआ, जो राज्य को मेडिकल उपकरण निर्माण और नवाचार का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बुधवार को हुई बैठक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के संबंध में जानकारी साझा करते हुए यीडा मुख्यकार्यपालक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस समझौते के माध्यम से दोनों पक्ष चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में अनुसंधान, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देंगे। जहां यीडा आवश्यक अवसंरचना, भूमि आवंटन, नियामकीय सहयोग और निवेशकों को प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगा, वहीं एमईजे जापानी तकनीकी विशेषज्ञता, उद्योग भागीदारी और ज्ञान हस्तांतरण सुनिश्चित करेगा।
समझौते के तहत यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मेडिकल उपकरण पार्क को जापानी कंपनियों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। दोनों संस्थाएं संयुक्त शोध परियोजनाओं, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना पर काम करेंगी।
इसके साथ ही भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच तकनीकी समझौतों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे निर्माण गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में सुधार आएगा। समझौते में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन, फंडिंग, हैकाथॉन और मेंटरशिप कार्यक्रमों की भी योजना शामिल है। जापानी विशेषज्ञों की भागीदारी से नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (जेडब्लूजी) का गठन किया जाएगा, जो तीस दिनों के भीतर तैयार होगा और साठ दिनों में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करेगा। समझौते के तहत साझा की जाने वाली सभी संवेदनशील जानकारियों को गोपनीय रखा जाएगा, जो समझौते की समाप्ति के बाद भी पांच वर्षों तक लागू रहेगी।
यह समझौता 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह साझेदारी न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को मेडिकल डिवाइस निर्माण के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे क्षेत्र में निवेश, तकनीक और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
