"मैडम, मुझे अपने घर जाना है..." बालगृह की बच्चियों की गुहार पर एक्शन में पुलिस, अपनों से मिलाने को शुरू हुआ स्पेशल प्लान

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार: मैडम जी, मुझे अपने घर जाना है...प्लीज परिवार के पास पहुंचा दीजिए। यह कहना है पारा सिंधीखेड़ा स्थित राजकीय बालगृह (बालिका) की कई बच्चियों का। शुक्रवार को एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने ''ऑपरेशन मुस्कान'' के तहत राजकीय बालगृह (बालिका) का भ्रमण किया। एडीसीपी ने वहां रह रही बच्चियों से बात कर उनकी पहचान और घर के पते के बारे में जानकारियां जुटाईं। इस दौरान कुछ बालिकाओं ने घर जाने की इच्छा जताते हुए अपने परिवार और निवास स्थान के बारे में सही जानकारी दी। बच्चियों की इस आस पर एडीसीपी व उनकी टीम परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि जल्द आवश्यक कानूनी और वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर बच्चियों को उनके परिवार से मिलवाया जाएगा।

एडीसीपी ने बताया कि वर्ष 2026 में कुल गुमशुदा बालिकाओं में से अभी 22 की बरामदगी होना बाकी है। आश्रय गृह में रह रही बच्चियों के नाम और पते का मिलान लापता रिकॉर्ड से किया जा रहा है। इसी लिए सभी बाल आश्रय गृहों में सघन जांच की जा रही है। उनका कहना है कि एएचटीयू ने पिछले छह माह में 8 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद किया है। अब बच्चों को खोजने के लिए एक विशेष एक्शन प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत हर जोन में 5 टीमें गठित की गई हैं।

गोपनीय सूचना देने पर इनाम, नाम रहेगा गुप्त

एडीसीपी किरन यादव ने बताया कि संगठित अपराध और मानव तस्करी पर लगाम कसने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 7839861034 जारी किया है। आम नागरिक इस नंबर पर नशा, तस्करी या मानव तस्करी से जुड़ी शिकायतें पूरी तरह गोपनीय रूप से दर्ज करा सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम-पता गुप्त रखा जाएगा। सूचना सही होने पर सूचनाकर्ता को पुरस्कार भी दिया जाएगा।

संबंधित समाचार