KGMU में मरीजों का सौदा करने वाले दो गिरफ्तार, बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल लेकर जाते थे दलाल
वजीरगंज पुलिस ने लॉरी कार्डियोलॉजी विभाग में की कार्रवाई
लखनऊ, अमृत विचार: केजीएमयू के लॉरी कार्डियोलॉजी विभाग में तीमारदारों को निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीजों का सौदा करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। वजीरगंज पुलिस ने दो शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि निजी अस्पताल मरीज भेजने के बदले में उनको मोटा कमीशन मिलता है। विरोध करने पर मरीजों के परिजन को धमकी भी देते थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। वहीं, नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश कुमार त्रपाठी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में ठाकुरगंज के हुसैनाबाद निवासी मोहम्मद मुस्तान और उसके रिश्तेदारी के भाई सुल्तान शामिल है। दोनों काफी समय से लारी और के आसपास सक्रिय थे। मरीजों को निजी अस्पताल के हाथों बेचने की सूचना पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी। गिरोह के सदस्य परिजन को बहलाकर एम्बुलेंस के जरिए निजी अस्पतालों में भेज देते हैं। पुलिस ने जाल बिछाया, तो ये दोनों दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े निजी अस्पतालों के संचालकों की कुंडली तैयार कर रही है।
ट्रॉमा सेंटर और लारी में फैला है दलालों का रैकेट
पुलिस के मुताबिक केजीएमयू का ट्रॉमा सेंटर और लारी कार्डियोलॉजी विभाग हमेशा गंभीर मरीजों से भरा रहता है। इसी का फायदा उठाकर यहां भारी संख्या में दलाल सक्रिय हैं। ये दलाल सीधे-सादे और ग्रामीण इलाकों से आने वाले तीमारदारों को निशाना बनाते हैं। जैसे ही कोई मरीज वेंटिलेटर या बेड खाली न होने के कारण परेशान होता है, ये दलाल हमदर्दी जताकर उन्हें घेर लेते हैं। डॉक्टरों की व्यस्तता का फायदा उठाकर ये सरकारी डॉक्टरों और व्यवस्थाओं की कमियां गिनाते हैं और तुरंत निजी अस्पताल ले जाने का दबाव बनाने लगते हैं।
