होर्मुज ड्रोन हमले के बाद अमेरिका की एयरस्ट्राइक, ईरान का तीखा पलटवार; बातचीत के बीच बढ़ा तनाव
तेहरीनः मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कारोबारी जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हवाई कार्रवाई की। इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि बातचीत के दौरान हमला करके वॉशिंगटन ने यह साबित कर दिया है कि उसे न वार्ता की चिंता है और न ही युद्धविराम की।
'बातचीत और सीजफायर के प्रति अमेरिका गंभीर नहीं'
ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया पर अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि बातचीत जारी रहने के बावजूद ईरान पर हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार बातचीत के सिद्धांतों और युद्धविराम के प्रति प्रतिबद्ध नहीं है। अजीजी ने कहा कि युद्धविराम का यह उल्लंघन अंततः अमेरिका के लिए नुकसानदेह साबित होगा और अब दोषारोपण की राजनीति नहीं चलेगी।
अमेरिका ने क्यों की सैन्य कार्रवाई?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज एम/वी एवर लवली*पर एकतरफा हमलावर ड्रोन से हमला किया गया था। CENTCOM का कहना है कि इसी घटना के जवाब में 26 जून को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए।
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मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकाने बने निशाना
अमेरिकी सेना के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई के दौरान ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार ठिकानों पर भी एयरस्ट्राइक की गई। CENTCOM ने दावा किया कि व्यावसायिक जहाज पर किया गया हमला पूरी तरह अनुचित था और यह युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है।
व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा पर अमेरिका का जोर
CENTCOM ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि पूरे क्षेत्र में उसके सैनिक पूरी तरह सतर्क और तैनात हैं ताकि ईरान के साथ हुए समझौतों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
ब्रिटेन ने भी घटना की पुष्टि की
ब्रिटेन की सेना ने भी पुष्टि की है कि ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
IMO ने जहाजों की निकासी पर लगाई रोक
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों की निकासी फिलहाल रोक दी है। संगठन का कहना है कि जब तक इलाके में मौजूद अन्य जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक निकासी दोबारा शुरू नहीं की जाएगी।
IMO के महासचिव अर्सेनियो डोमिंगुएज के अनुसार, हाल के दिनों में लगभग 115 जहाज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं, जबकि करीब 500 जहाज अभी भी उस क्षेत्र में मौजूद हैं।
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