कानपुर नगर निगम में बगावत तेज! 1 जुलाई को लखनऊ में होगी महा-मीटिंग, पूर्व डिप्टी CM डॉ. दिनेश शर्मा से मिलकर बताई सारी समस्या
कानपुर, अमृत विचारः कानपुर नगर निगम के बागी पार्षद गुट के दो सभासद पवन गुप्ता व लक्ष्मी कोरी ने पूर्व डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा से मुलाकात की है। हालांकि इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है लेकिन दोनों पार्षदों ने संगठन व सदन में चल रहे घटनाक्रम को बताया। डॉ शर्मा ने पार्षदों को 1 जुलाई को लखनऊ बुलाया है। इससे पहले पिछले दिनों जब कानपुर दौरे पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ आए थे तो बागी गुट के एक पार्षद ने उनसे मिलकर प्रार्थना पत्र सौंपा था। जिसे लेकर खूब हंगामा हुआ था। सदन से निष्कासित और बागी पार्षद पवन गुप्ता का कहना है कि मेयर प्रमिला पांडेय पार्टी और संगठन से जुड़ी हैं। वे पार्टी की नीतियों के हिसाब से अब नहीं चल रही हैं। पार्षद ने कहा कि इस गतिरोध का असर विस चुनाव पर भी पड़ सकता है। नगर निगम का पूरा काम उनका बेटा देख रहा है।
पार्षद ने कहा कि बेटा ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह है। जो नगर निगम को लूटकर एक दिन चला जाएगा। जिसमें नुकसान जनता का होगा। आगे कहा कि जनता के काम को रोका जा रहा है। वहीं, मेयर प्रमिला पांडेय ने कहा कि दोनों पार्षद पवन गुप्ता व अंकित मौर्या के रवैये के कारण सदन से निकाला गया है। संगठन ने पहले भी पार्षद की हरकतों के कारण उसे निष्कासित किया है। पूर्व डिप्टी सीएम से लखनऊ मिलने की बात पर मेयर ने कहा कि वे हम सब के नेता हैं। किसी को कोई बुलाए या मिले उसपर कोई रोक नहीं है। मेयर ने कहा कि वे इस समय अपने पति की तबियत को लेकर परेशान हैं और वे उनका इलाज करा रही हैं। जब वे शहर आयेंगी तो सारी बातें मीडिया के सामने रखेंगी। महापौर ने दोनों को सदन की बैठक से निष्कासित करने का निर्णय लिया। बाद में इनके समर्थन में चार और पार्षद आ गए और यह खुले मंचों से विरोध करने लगे। इसके बाद इन सभी ने महापौर के पुत्र बंटी पर नगर निगम चलाने का आरोप लगाने शुरू कर दिए। मामले में हाल ही में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी हस्तक्षेप किया था। उन्होंने दोनों पक्षों को सर्किट हाउस में अलग-अलग बुलाकर बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।
पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ था विवाद
विवाद की शुरुआत 26 दिसंबर 2025 को सदन की बैठक में हुई थी। भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने अपने वार्ड के संतलाल का हाता का मुद्दा उठाया और विकास कार्य में भेदभाव का आरोप लगाया। उनके साथ पार्षद अंकित मौर्या भी आ गए और कहने लगे कि कुछ ही पार्षदों के कार्य हो रहे हैं। दोनों पार्षद तख्तियां दिखाने लगे तो भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने रोकने का प्रयास किया। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई तो महापौर ने सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी। इस पर पवन और अंकित बेल पर जाकर नारेबाजी करने लगे। मेयर ने दोनों पार्षदों को सदन की कार्रवाई से निष्कासित कर दिया जो अब तक बहाल नहीं हुए।
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