मिर्जापुर : विंध्यवासिनी के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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मिर्जापुर। विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में नये साल के पहले दिन गुरुवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन पूजन किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विंध्याचल मंदिर के साथ विंध्य पर्वत एवं पूरे त्रिकोण पथ पर भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही थी।

नववर्ष में पहले दिन मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन के बाद नया साल शुरू करने की चाहत में यहां लाखों यात्रियों की मौजूदगी बुधवार को ही हो चुकी थी। विंध्याचल के साथ शहर के सभी होटल लाज अतिथि गृह पहले से ही भर चुके थे। नवरात्रि से कही अधिक ज्यादा भीड़ रही। विंध्याचल धाम में आज भोर में मंगला आरती के बाद मां का पट खुलने के पहले ही एक किलोमीटर से भी लम्बी लम्बी लाईनें लग चुकी थी। यही स्थिति सारे दिन रही।

जिला प्रशासन को आज भारी भीड़ होने का अनुमान पहले से ही था। लिहाजा अयोध्या एवं काशी विश्वनाथ मंदिर के तर्ज पर मेला सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। दर्शन पूजन के लिए दो लाइनें लगाई गई थी। झांकी दर्शन के लिए अगल से लाईन लगाई गई थी। दोनों लाईने में चार चार दर्शनार्थियों की थी। जबकि झांकी दर्शन के आठ लोगों की कतार थी।सभी की बड़ी लम्बी लम्बी लाईनें थी। पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने बताया कि एआई के तर्ज पर व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि यातायात को दृष्टिगत रोड़ डाइवर्जन किया गया है। डोन कैमरे से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। भगदड़ की स्थिति न पैदा हो इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। गंगा नदी में स्नान वाले घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है। कुल मिलाकर कर पूरा विंध्याचल धाम श्रद्धालुओं से पटा हुआ है।

वाराणसी काशी विश्वनाथ मंदिर एवं प्रयागराज से पलट प्रवाह भी था।लोग यहां से काशी विश्वनाथ या काशी-विश्वनाथ से यहां दर्शन पूजन के लिए आये। स्थानीय नागरिकों की मानें तो आज की भीड़ ऐतिहासिक रही। वही कोरिडोर की उपयोगिता स्वत सिद्ध हो गई। यदि पहले की स्थिति रहती तो भीड़ सम्हालना काफी कठिन रहता।

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