खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों से बढ़ रहा पूंजी निवेश: केशव मौर्य

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के माध्यम से अधिक से अधिक पूंजी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उप्र. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 के अंतर्गत स्थापित इकाइयों के थर्ड पार्टी निरीक्षण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परियोजना प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्यवाही, अनापत्ति प्रमाण पत्र शीघ्र दिलाने और सब्सिडी प्रकरणों की नियमित समीक्षा पर जोर दिया है।

उप मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उद्यान विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रदेश में निवेश, रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव बीएल मीना ने खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा त्वरित समाधान के लिए सराहना पत्र जारी किए। अग्निशमन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने पर अपर पुलिस महानिदेशक पद्मजा चौहान की प्रशंसा भी की गई। पर्यावरण संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र शीघ्र निर्गत कराने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव संजीव सिंह तथा विद्युत कनेक्शन की समस्या के समाधान पर यूपी पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार को भी सराहना पत्र भेजे गए।

मालूम हो कि प्रदेश सरकार की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत फल-सब्जी, दुग्ध, अनाज, दलहन, तिलहन, रेडी टू ईट, बेकरी, मसाले, शहद, मशरूम, जूस, पेय पदार्थ तथा पशु आहार निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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