Bahraich News : कतर्नियाघाट जंगल में हाथियों के आतंक, हमले में नेपाली महिला की मौत

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच में नेपाल सीमा पर कतर्नियाघाट जंगल क्षेत्र में हाथियों के आतंक के बीच एक नेपाली महिला की मौत का मामला सामने आया है। नेपाल के 10 नंबर करमोहनी राजापुर गांव निवासी 47 वर्षीय बालिका सेन बुधवार को खेतों में काम करने गई थीं, जहां लौटते समय हाथियों के झुंड के हमले में उनकी जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं के अनुसार, बालिका सेन अन्य महिलाओं के साथ खेतों में काम कर रही थीं। 

शाम के समय लौटते वक्त अचानक हाथियों का एक झुंड जंगल की ओर से निकल आया। झाड़ियों को पार कर जैसे ही महिलाएं आगे बढ़ीं, बालिका सेन हाथियों के बीच घिर गईं। हाथियों ने उन्हें सूंड में फंसाकर कई बार जमीन पर पटका। जान बचाने के लिए अन्य महिलाएं मौके से भाग निकलीं। महिला को मारने के बाद हाथियों का झुंड वहां से आगे बढ़ गया। रात के अंधेरे में किसी जंगली जानवर द्वारा महिला के शव को उठा ले जाने की आशंका जताई जा रही है। 

साथ काम कर रही महिलाओं की सूचना पर ग्रामीणों ने रात में काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। वन विभाग और पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई। अगले दिन सुबह नेपाल क्षेत्र के कतर्निया जंगल में महिला का शव बरामद हुआ। शव की हालत बेहद क्षत-विक्षत थी। महिला का चेहरा गायब था, एक हाथ नहीं था और शरीर पर कपड़े भी नहीं थे। शव की स्थिति देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और बाघ के हमले की आशंका जताई गई, हालांकि वन विभाग ने इससे इनकार किया है। 

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। आशंका है कि हाथियों के हमले के बाद किसी अन्य जंगली जानवर ने शव को नोचा होगा। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में कतर्नियाघाट क्षेत्र में हाथियों के हमले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते दिनों अंबेडकर नगर गांव निवासी शंभू कुमार को हाथी ने पटक दिया था, जो वर्तमान में जिला अस्पताल में भर्ती हैं। इससे पहले चौखड़ा गांव निवासी राम बहादुर की हाथी द्वारा कुचलकर मौत हो चुकी है। 

कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि कतर्निया जंगल में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। हाथियों के मूवमेंट पर विशेष नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है। सुजौली थाना प्रभारी प्रकाश चंद्र शर्मा ने बताया कि घटनास्थल नेपाल क्षेत्र में होने के कारण शव को नेपाल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। वन विभाग के अनुसार, बफर जोन की मझगईं और पलिया रेंज हाथियों के झुंड से सबसे अधिक प्रभावित हैं। 

हाथियों ने अब तक करीब 40 एकड़ से अधिक गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है। 45 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। पिछले दो सप्ताह से बहराइच और लखीमपुर खीरी से सटे सीमावर्ती इलाकों में नेपाली हाथियों का आतंक बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।

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