ईरान को ट्रंप की खुली धमकी: हिंसक प्रदर्शन को लेकर मूकदर्शक बना नहीं रहेगा अमेरिका, हस्तक्षेप के लिए तैयार

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Published By Anjali Singh
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वाशिंगटन/ तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी शासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का दमन किया गया, तो अमेरिका मूकदर्शक बना नहीं रहेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक संदेश में स्पष्ट किया कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलायी या उनकी हत्या की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

उन्होंने लिखा, "अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें बेरहमी से मारता है, जो कि उनकी आदत है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। हमने निशाना साध लिया है और आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।" अमेरिकी राष्ट्रपति का यह संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब ईरान के कई शहरों में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर पिछले पांच दिनों से व्यापक जन आक्रोश देखा जा रहा है। 

गौरतलब है कि ईरान में इन दिनों सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। यह संकट देश की मुद्रा 'रियाल' में आयी ऐतिहासिक गिरावट के बाद और गहरा गया है। वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 14.2 लाख रियाल के स्तर पर पहुंच गयी है। 

इस आर्थिक बदहाली के कारण तेहरान के ग्रैंड बाजार सहित प्रमुख बाजारों के व्यापारियों ने हड़ताल कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन शुरू में केवल आर्थिक मांगों को लेकर शुरू हुए थे, वे अब राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुके हैं और प्रदर्शनकारी देश की शासन व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। 

इस बीच, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम छह लोगों की मौत की खबर है। ईरानी प्रशासन ने इन प्रदर्शनों के पीछे पश्चिमी देशों का हाथ होने का आरोप लगाया है। ईरान की खुफिया एजेंसियों का दावा है कि विदेशी ताकतें देश में तख्तापलट की साजिश रच रही हैं और विरोध प्रदर्शनों की आड़ में इस्लामिक शासन को अस्थिर करना चाहती हैं। 

तेहरान के अलावा हालांकि इस्फहान, शिराज, यज्द और केरमानशाह जैसे शहरों में विरोध की आग लगातार फैलती जा रही है। विशेष रूप से लूर समुदाय के प्रभाव वाले क्षेत्रों में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि ट्रम्प की ताजा चेतावनी से तेहरान और वाशिंगटन के बीच पहले से जारी तनाव और अधिक बढ़ सकता है। 

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