मां से आखिरी कॉल, पत्नी को भेजी लोकेशन... बैंक मैनेजर ने सरयू नदी में कूदकर दी जान, 8 घंटे बाद मिला शव

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। बहराइच में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर के पद पर तैनात एक व्यक्ति ने पहले मां से फोन पर बात की, उसके बाद पत्नी को मोबाइल की लास्ट लोकेशन भेजी। इसके बाद नदी में छलांग लगा दी। घटना अयोध्या सरयू तट पर बुधवार की दोपहर 12 बजे की है। रेस्क्यू कर रही टीम ने रात करीब आठ बजे शव को बरामद किया। पुलिस के अनुसार मृतक बीमारी के चलते अवसाद में था।

बुधवार को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के उत्सव के चलते सरयू पुल पर भी भीड़ थी। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें नदी में कूदते देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जल पुलिस व एसडीआरएफ ने रेस्क्यू शुरू किया। रात करीब 8 बजे मैनेजर का शव मिला।

पीठ पर टंगे पिठ्ठू बैग में मिले कागजों से उनकी शिनाख्त राम बाबू सोनी (38) पुत्र स्व विश्वनाथ सोनी निवासी मनकापुर जनपद गोंडा के रूप में हुई। वह बहराइच जनपद में एसबीआई में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात थे। पुलिस के अनुसार वह जूते-मौजे पहने हुए थे। 

बैग से मोबाइल फोन, ढेर सारी दवाएं व कागजात भी मिले। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोगों ने बताया कि वह 31 दिसंबर को बैंक नहीं गए थे। सुबह घर से दवा लेने के लिए अयोध्या निकले थे। दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने मां शोभा देवी से फोन पर बात की।

फिर पत्नी को लास्ट लोकेशन भेजी। इसके बाद फोन स्विच ऑफ करके नदी में कूद गए। छोटे भाई ओम बाबू ने बताया उन्हें सिरदर्द रहता था। वह दवा भी खाते थे। बुधवार को घर से दवा लेने की बात कहकर निकले थे। रात में पुलिस से फोन पर उनके द्वारा आत्महत्या करने की जानकारी मिली।

15 दिसंबर को मनाया था 38वां जन्मदिन

मृतक रामबाबू की 2011 में सिद्धार्थ नगर जिले के बांसी की निवासी ऐश्वर्या लक्ष्मी से विवाह हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं, बड़ी बेटी ओजस्वी (13) व छोटी बेटी अन्वी (10) है। पत्नी गृहणी हैं। पत्नी ने बताया कि 15 दिसंबर को उन्होंने परिवार के साथ अपना 38वां जन्मदिन मनाया था। पिता विश्वनाथ सोनी की 2001 में मौत हो गई थी। भाई ने बताया उन्हें पहली पोस्टिंग असम एसबीआई में फील्ड अफसर के पद पर हुई थी। उसके बाद यूपी में ट्रांसफर करा लिया था। पहले बस्ती में आरबीओ थे। 25 दिन पहले ही बहराइच में ट्रांसफर हुआ था।

बैग में मोबाइल फोन व ढेर सारी दवाइयां भी मिली हैं। उनके परिवारवालों के अनुसार बीमारी के चलते वह अवसाद में थे। परिवार में कोई तनाव भी नहीं था। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवारवालों को सौंप दिया गया है।-पंकज सिंह, कोतवाल अयोध्या।

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