बांग्लादेश में एक और हिंदू बना शिकार, प्रतिष्ठित कारोबारी पर धारदार हथियार से हमला

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Published By Muskan Dixit
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ढाकाः बांग्लादेश के नरसिंगदी शहर में अज्ञात हमलावरों ने एक किराना दुकान के 40 वर्षीय हिंदू मालिक की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी। यह घटना सोमवार रात को हुई। इससे कुछ ही घंटों पहले बांग्लादेश के जेस्सोर जिले में सोमवार को अज्ञात हमलावरों ने एक हिंदू व्यापारी को सिर में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी, जो एक समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक भी थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में दुकानदार मणि चक्रवर्ती पर सोमवार रात करीब 11 बजे हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। पलाश पुलिस थाना प्रमुख (ओसी) शाहेद अल मामून ने बताया कि मणि शिबपुर उपजिला के साधरचार यूनियन निवासी मदन ठाकुर के बेटे थे। मणि चारसिंदूर बाजार में किराना दुकान के मालिक थे। हाल के सप्ताहों में मारे गए वह तीसरे हिंदू कारोबारी हैं।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने बताया कि मणि जब सोमवार रात दुकान बंद करके अपने घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार एवं स्थानीय रूप से निर्मित हथियार से वार किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि मणि की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोग उन्हें पलाश उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शाहेद ने कहा कि पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद तुरंत मौके पर पहुंची और दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नरसिंगदी सदर अस्पताल के शवगृह भेजा गया है। इससे पहले भी हिंदू समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। सोमवार को खुलना मंडल में जेस्सोर के केशबपुर उपजिला में अरुआ गांव निवासी 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी के सिर में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।

यह घटना सोमवार को कपालिया बाजार में शाम करीब पौने छह बजे हुई। इसके पहले तीन जनवरी को खोकन चंद्र दास (50) पर चाकू से हमला करने के बाद उन्हें जला दिया गया था जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसी तरह 24 दिसंबर को राजबारी कस्बे के पांगशा उपजिला में एक अन्य हिंदू व्यक्ति अमृत मंडल की जबरन वसूली के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

मयमनसिंह शहर में 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास (25) की ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और उनके शव को आग लगा दी। चटगांव के बाहरी इलाके रावजान क्षेत्र में 23 दिसंबर को अज्ञात लोगों ने कतर में काम करने वाले प्रवासी कामगारों सुख शिल और अनिल शिल के घर में आग लगा दी, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। 

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