भारत की GDP ने पकड़ी रफ्तार, वित्तवर्ष 2025-26 में 7.4% की वृद्धि का अनुमान
दिल्ली। सरकर ने वित्त वर्ष 2025-26 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा बुधवार को इस साल 31 मार्च को समाप्त हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष के लिए जारी पहले अग्रिम अनुमान में कहा गया है कि पूरे साल के दौरान जीडीपी 201.90 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है।
यह पिछले वित्त वर्ष के 187.97 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष के दौरान लोक प्रशासन, रक्षा एवं अन्य सेवाओ की और वित्तीय, रियल एस्टेट एवं पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
इसके बाद व्यापार, होटल, परिवहन, संचार एवं प्रसारण सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना है। अनुमान के अनुसार, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों की वृद्धि दर सात-सात फीसदी रहेगी।
कृषि क्षेत्र में 3.1 प्रतिशत और बिजली, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य यूटिलिटी सेवाओं की वृ्द्धि दर 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। सिर्फ खनन क्षेत्र ही ऐसा है जिसमें गिरावट की संभावना जतायी गयी है। पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार इसमें 0.7 प्रतिशत की गिरावट रहेगी।
