बैंक से मांगी गई वन निगम के खातों की डिटेल, 64 करोड़ रुपये के गबन का मामला, दर्ज हुआ मुकदमा
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश वन निगम के प्रबंधक ने बैंक आफ इंडिया सदर शाखा पर फर्जी सावधि जमा (एफडी) की रसीद दिखाकर विभाग के 64.82 करोड़ रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। बैंक से पत्राचार कर सभी खातों की डिटेल मांगी गई है। वहीं, प्रबंधक को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। पुलिस वन निगम व बैंक के सारे दस्तावेजों के साथ कर्मचारी व अधिकारियों का बयान दर्ज करायेगी।
एसीपी गाजीपुर अनिद्य विक्रम सिंह के मुताबिक दोनों बैंक को पत्राचार किया गया है। ताकि जो भी आरोप लगाए गए हैं। उसके साक्ष्य एकत्रित किए जा सके। साथ ही फर्जीवाडे़ के दौरान जो जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी तैनात थे । सभी के नाम पता कर नोटिस जारी किया गया है। अलग-अलग सभी के बयान दर्ज किए जाएंगे। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
वन निगम प्रबंध निदेशक(एमडी) अरविंद सिंह ने बताया था कि बैंक आफ महाराष्ट्र में बतौर सावधि जमा (एफडी) 64.82 करोड़ रुपये को परिपक्वता के बाद दोबारा फिक्स करने के लिए 29 दिसंबर 2025 को ई-मेल भेजकर बैंकों से 30 दिसंबर 10:30 से 3:45 बजे तक प्रस्ताव मांगा गया। उसी दिन शाम चार बजे समिति के सामने निविदा बाक्स में पड़ी विभिन्न बैंकों की निविदाएं खोली गई। तुलना करने पर बैंक आफ इंडिया सदर शाखा की कालेबल दर 6.73 प्रतिशत मिली जो सबसे अधिक थी।
विभाग की तरफ से 31 दिसंबर को एचडीएफसी बैंक विक्रांत खंड के शाखा प्रबंधक को 64.82 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया। हालांकि, एचडीएफसी बैंक की तरफ से शाम 7:45 बजे तक रकम न भेजने पर बैंक आफ इंडिया ने 6.73 प्रतिशत की दर से एफडी करने से मना कर दिया और अपने ई-मेल से एक जनवरी 2026 को नई दरें बताई गई। निविदा के समय मौजूद सहायक लेखाकार राजकुमार गौतम ने पांच जनवरी को बैंक आफ इंडिया के कर्मी से मूल रसीद मांगी। छह व सात जनवरी को एफडी की पुष्टि के लिए सभी बैंकों को पत्र लिखा गया। बैंक की तरफ से रसीद की पुष्टि नहीं की गई। बैंक आफ इंडिया से सात जनवरी को निगम कार्यालय में एक पत्र भेजा गया। जिसमें उत्तर प्रदेश फारेस्ट कार्पोरेशन के नाम से खुले बचत खाते में 64.82 करोड़ रुपये की जगह 6.82 करोड़ रुपए की एफडी 6.25 प्रतिशत की दर से 12 महीने के लिए जमा की गई है। विभाग की तरफ से 64.82 करोड़ रुपये एफडी की रसीद नहीं मिली। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।
