बहराइच : 'डायना' और 'सुलोचना' की मदद से की जा रही बाघ की घेराबंदी, ड्रोन कैमरों से हो रही निगरानी
बहराइच। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले की महसी तहसील के रेहुवा मंसूर गांव में एक बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। अभियान में दुधवा नेशनल पार्क से लाई गईं प्रशिक्षित हथिनियां 'डायना' और 'सुलोचना' का उपयोग बाघ की घेराबंदी के लिए किया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के लगभग 200 अधिकारी और कर्मचारी जुटे हुए हैं।
जिला वनाधिकारी (डीएफओ) सुंदरेशा ने शनिवार को बताया कि बाघ को पकड़ने का ऑपरेशन एक दिन में पूरा नहीं होता, इसमें कई दिन लग सकते हैं। खराब मौसम, घना कोहरा और गन्ने व सरसों के खेतों के कारण रेस्क्यू अभियान में लगातार बाधाएं आ रही हैं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चले करीब छह घंटे के अभियान के दौरान बाघ कई बार टीम को चकमा देकर भाग निकला।
शाम होने के कारण ऑपरेशन रोक दिया गया था, जिसे मौसम ठीक रहने पर शनिवार सुबह फिर से शुरू किया गया। वन विभाग की प्रशिक्षित हथिनियों के साथ ट्रैंकुलाइज टीम भी मौके पर तैनात है। ड्रोन कैमरों से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, हालांकि कम दृश्यता के चलते ट्रैंकुलाइज टीम को सटीक निशाना लगाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। बाघ पिछले तीन दिनों से रेहुवा गांव के बाहर गन्ने के खेतों में डेरा डाले हुए है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
