व्यापार समझौते में दालों पर आयात शुल्क कम करे भारत, अमेरिकी सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप से की अपील

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। अमेरिका के दो सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया है कि वे भारत के साथ भविष्य के किसी भी व्यापार समझौते में दालों के लिए अनुकूल प्रावधानों पर जोर दें। सांसदों का कहना है कि नयी दिल्ली द्वारा लगाए गए "अनुचित" शुल्कों के कारण अमेरिकी उत्पादकों को "भारी प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान" उठाना पड़ रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप को 16 जनवरी को लिखे एक पत्र में मोंटाना के रिपब्लिकन सांसद स्टीव डेंस और नॉर्थ डकोटा के केविन क्रैमर ने कहा कि उनके राज्य मटर सहित दालों के शीर्ष दो उत्पादक हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत दुनिया में दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जिसकी वैश्विक खपत में करीब 27 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सांसदों ने कहा कि मसूर, चना, सूखी बीन्स और मटर भारत में सबसे ज्यादा खपत होने वाली फसलें हैं, लेकिन नयी दिल्ली ने इन श्रेणियों में अमेरिकी निर्यात पर भारी शुल्क लगा रखा है।

उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले साल 30 अक्टूबर को पीली मटर पर 30 प्रतिशत शुल्क की घोषणा की थी, जो एक नवंबर 2025 से लागू हुआ। पत्र में कहा गया, "भारत के इन अनुचित शुल्कों के कारण अमेरिकी उत्पादकों को अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को भारत निर्यात करने में काफी नुकसान हो रहा है।"

डेंस और क्रैमर ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए दालों पर शुल्क के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बातचीत करना अमेरिकी उत्पादकों और भारतीय उपभोक्ताओं, दोनों के लिए "परस्पर फायदेमंद" होगा।

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