CM योगी आज 2 लाख परिवारों को देंगे बड़ी खुशखबरी, अकाउंट में भजेंगे 1-1 लाख रुपये
लखनऊः शहरी गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने के संकल्प को और मजबूत करते हुए प्रदेश सरकार रविवार को एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रविवार को दोपहर दो लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सिंगल क्लिक पर यह धनराशि लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित करेंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के शामिल होने की भी संभावना है। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 मांग आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत सभी पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक प्रदेश में 17.67 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.01 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। बेहतर क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश को वर्ष 2019 और 2021 में राष्ट्रीय स्तर पर लगातार दो बार ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य’ का प्रथम पुरस्कार भी मिल चुका है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से तुरंत मिलेगी राशि
डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंचाने में भी प्रदेश ने मिसाल कायम की है। सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) पोर्टल के जरिए अब तक 38,876.23 करोड़ रुपये की धनराशि शत-प्रतिशत लाभार्थियों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। ग्रामीण आवास के क्षेत्र में भी प्रदेश की उपलब्धि उल्लेखनीय रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 36.57 लाख आवासों में से 36.37 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
योजना का पूरा विवरण (PMAY-U BLC)
- कुल सहायता राशि — प्रति लाभार्थी 2.5 लाख रुपये
(केंद्र सरकार से 1.5 लाख + राज्य सरकार से 1 लाख रुपये)
- किस्तों का बंटवारा — कुल राशि तीन हिस्सों में जारी की जाती है (40% + 40% + 20%)
- आज जारी होने वाली किस्त — पहली किस्त (1 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से)
घर निर्माण के लिए जरूरी नियम
- घर का प्लॉट क्षेत्रफल 30 से 45 वर्ग मीटर के बीच होना चाहिए।
- घर में कम से कम 2 कमरे, किचन, शौचालय और बाथरूम अनिवार्य हैं।
- पूरा निर्माण कार्य 12 से 18 महीनों के अंदर समाप्त करना होता है।
प्राथमिकता किसे मिलेगी?
योजना में विशेष तौर पर इन वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है:
- विधवाएं, एकल महिलाएं और दिव्यांगजन
- वरिष्ठ नागरिक
- अनुसूचित जाति/जनजाति तथा अल्पसंख्यक समुदाय
- पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
- झुग्गी-झोपड़ी और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार
अपना नाम और स्टेटस कैसे चेक करें?
अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए इन आसान स्टेप्स फॉलो करें:
1. PMAY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
2. होमपेज पर 'Track Application' विकल्प चुनें।
3. बेनिफिशियरी कोड, आधार नंबर या मोबाइल नंबर में से कोई एक विकल्प चुनें।
4. संबंधित डिटेल्स और कैप्चा भरकर 'Show' पर क्लिक करें।
5. स्क्रीन पर आवेदन की पूरी जानकारी, स्टेटस और किस्त का विवरण दिखाई देगा।
पात्रता की मुख्य शर्तें
- आवेदक EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) से होना चाहिए।
- पिछले 20 सालों में किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ न लिया हो।
- पूरे भारत में परिवार के किसी सदस्य के नाम पक्का घर नहीं होना चाहिए।
- यह सुविधा केवल पहली बार घर बनाने वालों के लिए उपलब्ध है।
यह पहल उत्तर प्रदेश में शहरी गरीबों के लिए पक्के मकान का सपना साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो पारदर्शिता और तेजी से लाभ पहुंचाने पर जोर देती है।
