Prayagraj News: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था अस्पताल, सीएमओ ने दिए जांच का आदेश
प्रयागराजः उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता के बिना रजिस्ट्रेशन कराए अस्पताल के संचालन करने पर सीएमओ ने जांच का आदेश दिया है। इसका खुलासा तब हुआ जब अधिवक्ता के नवजात के इलाज में लापरवाही हुई। तीन दिन की बच्ची की अस्पताल में मौत हो गई थी। यह मामला सीएमओ तक पहुंचा। वकीलों ने इस पर कार्रवाई के लिए सीएमओ से शिकायत की तब पता चला कि इस अस्पताल का कोई रजिस्ट्रेशन ही नहीं है।
मामला भाजपा के नेता डॉ. भगवत पांडेय के जनहित नर्सिंग होम से जुड़ा हुआ है जो दरंभगा कालोनी में संचालित है। जिसमें उनकी पत्नी डॉ. व्यंजना पांडेय पर इलाज में लापरवाही की बात कही गई थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज है। इसी तरह इनका दूसरा अस्पताल करछना के रामनगर में संचालित जनहित हॉस्पिटल के नाम से ही है। यहां भी अधिवक्ता गणेश शंकर शुक्ला की पत्नी वशिता के इलाज में लापरवाही का मामला सामने आया था। इसमें गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी। इन दोनों मामले में मंगलवार को तीन सदस्यीय कमेटी ने डॉक्टर का बयान भी लिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता गणेश शंकर शुक्ल ने बताया कि उनकी पत्नी के इलाज में लापरवाही की गई है।
डॉ. भगवत पांडेय के दो अस्पताल संचालित हैं पहला शहर में दरंभगा कालोनी में जो जनहित नर्सिंग होम के नाम से है। इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था, इसके बाद भी यहां मरीजों का इलाज किया जा रहा था। जबकि वहीं, डॉ. भगवत पांडेय का का कहना है कि जनहित नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के लिए कार्रवाई हमने कर दी थी। बाद में वह हो भी गया था। इलाज में लापरवाही नहीं हुई।
अस्पताल को सील करने की मांग कर रहे अधिवक्ता अधिवक्ता गणेश शंकर शुक्ला ने भी अपना बयान मंगलवार को सीएमओ आफिस में कमेटी के सामने दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने कहा वह गर्भवती पत्नी को दिखाने के लिए डॉ. व्यंजना पांडेय के यहां जाता था। पत्नी को गलत इंजेक्शन लगाया गया। लापरवाही में बच्चे की जन्म के पहले ही मौत हो गई। सीएमओ की तरफ से कहा गया कि जांच की जा रही हैं।
