सायरन बजते ही हड़कंप! सीएम योगी के सामने मॉक ड्रिल... हवाई हमले से लेकर आग बुझाने तक का LIVE, भाषा विश्वविद्यालय में छात्राओं ने दिखाई ताकत

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: सबकुछ सामान्य दिख रहा था लोग अपनी जीवनचर्या में लगे हुए थे। जनजीवन बिल्कुल सामान्य तरीके से चल रहा था कि अचानक कंट्रोल रूम से रेड अलर्ट की सूचना आती है। सायरन बजाया जाता है और ब्लैकआउट की स्थिति हो जाती है। फाइटर जेट द्वारा बमबारी एवं विस्फोट की तेज आवाज़ों के साथ आपातकालीन परिस्थिति दिखाई जाती है। सायरन बजते ही नागरिक तय सुरक्षा मानक अपनाते हुए बंकर की ओर भागते हैं। पुलिस लाइन लखनऊ में नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल में कुछ इस तरह का अभ्यास देखने को मिला।

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इस दौरान पेट्रोल, लकड़ी एवं गैस सिलेंडर से उत्पन्न आग की घटनाओं से बचाव के उपाय भी प्रदर्शित किए गए। रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडर में आग, चलती कार में विस्फोट तथा मैदान में घायल नागरिकों की स्थिति और उन्हें बचाने का सिलसिला क्रमवार दर्शाया जाता रहा। लगभग दो मिनट बाद ऑल क्लियर सायरन बजाया गया। आईसीओ द्वारा कंट्रोल रूम को हताहतों की संख्या एवं स्थिति की जानकारी दी गई तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलेंस को तत्काल सूचना दी गई। स्वयंसेवकों द्वारा घायलों की सहायता एवं सुरक्षित नागरिकों को स्थानांतरित करने का कार्य किया गया। कुछ मिनटों बाद अव्यवस्था पर ब्रेक लगा। पुलिस लाइन में कुछ इस तरह मॉक ड्रिल के दृश्यों से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गणमान्य लोग रूबरू हुए। मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने उनका स्वागत किया। दृश्यों की सजीवता देख लोगों ने तालियां बजाईं।

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पेट्रोल की आग को कंबल से, लकड़ी की आग को फायर एक्सटिंग्विशर से तथा सिलेंडर में लगी आग को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर उसे बुझाया गया। कार दुर्घटना में बेहोश व्यक्ति को शीशा तोड़कर बाहर निकालकर सीपीआर देकर जीवन रक्षा का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त, बहुमंजिला भवन में आग लगने की स्थिति में पहली मंज़िल पर फंसे बच्चे को जाल से सुरक्षित नीचे उतारा गया। फायर सूट पहनकर आग में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। विभागों की आपातकालीन गाड़ियों द्वारा त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया गया। चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्र ने विशेष प्रदर्शन कर आग से पैराशूट पहनकर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया।

मॉकड्रिल के समय डीजी सिविल डिफेंस डीके ठाकुर, जिलाधिकारी/नियंत्रक सिविल डिफेंस विशाख जी, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट सीपी अमरेंद्र कुमार सेंगर और सिविल चीफ डिफेंस अमरनाथ मिश्र समेत समस्त वार्डेनों की उपस्थिति रही। मॉक ड्रिल के दौरान वार्डनों द्वारा विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने की विधियों का प्रदर्शन किया गया।

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हवाई हमले का सायरन बजते ही सक्रिय हुई एनसीसी छात्राएं

ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में एनसीसी 20 गर्ल्स बटालियन ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। प्रथम चरण में हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) की आपात स्थिति का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसके बाद युवा आपदा मित्रों ने घायलों की मदद, प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी का अभ्यास कराया।

द्वितीय चरण में आग लगने (फायर आउटब्रेक) की स्थिति दिखाई गई, जिसमें गैस सिलेंडर से लगी आग पर काबू पाने के उपाय प्रदर्शित किए गए। कैडेट्स ने गीले कंबल, बाल्टी और अन्य उपकरणों का प्रयोग कर आग बुझाने का अभ्यास किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आपदा प्रबंधन, अनुशासन, नेतृत्व और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था। कुलपति ने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक होगा।

कार्यक्रम में कुल 50 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। एएनओ डॉ. लेफ्टिनेंट बुशरा अलवेरा ने मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, डॉ. मनीष, डॉ. नलिनी और डॉ. रामदास समेत शिक्षक और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। इस मॉकड्रिल में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी और वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।

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