प्रयागराज : UGC के खिलाफ सड़क पर उतारा सवर्ण समाज, जमकर की नारेबाजी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग पैदल मार्च करते हुए सड़कों पर उतरे और आयोगे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिये थे और नारेबाजी कर रहे थे। सवर्ण समाज और छात्र संगठनों का आरोप है कि यह नियम समानता के नाम पर उच्च शिक्षा में विभाजन को बढ़ावा देगा।
भाजपा युवा मोर्चा के नेता शिवम मिश्रा के नेतृत्व में आज नवाबगंज बाजार में पैदल मार्च करते हुए सैकड़ों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण विरोधी यूजीसी नियम वापस लो उच्च शिक्षा में समानता नहीं, विभाजन' जैसे नारे लगाए और सरकार को साफ चेतावनी दी कि अगर इस बिल पर पुनर्विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को और धारदार दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के नेता ने कहा कि सरकार एक ओर समानता की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर ऐसा बिल ला रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर गहरा दंश छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह नियम सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के लिए घातक साबित होगा। उनका आरोप है कि यह नियम विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जाति के आधार पर भेदभाव को बढ़ावा देगा, जिससे छात्र एकता कमजोर होगी। छात्रों ने दो टूक कहा कि सरकार को यह बिल हर हाल में वापस लेना ही पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब अगर किसी शिक्षक या छात्र के खिलाफ झूठी शिकायत की जाती है और वह गलत साबित होती है, तो शिकायतकर्ता पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इससे कानून के दुरुपयोग की आशंका और बढ़ गई है, खासकर सामान्य वर्ग के खिलाफ। कुल मिलाकर प्रयागराज में यूजीसी को लेकर माहौल गर्म है। सवर्ण समाज और छात्र संगठन साफ कर चुके हैं कि अगर सरकार ने समय रहते इस नियम पर विचार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
