नगरीय परिवहन बनेगा हरित-आधुनिक: मुख्य सचिव की बैठक में बड़े फैसले वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को सैद्धांतिक मंजूरी

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में निधि प्रबंधन समिति की 16वीं बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगरीय परिवहन योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, तकनीक-आधारित और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती परिवहन सुविधा मिल सके। बैठक में 1225 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के क्रय प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यह प्रक्रिया तेज की जाए और प्रमुख सचिव नगर विकास को अग्रेतर कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार ये ई-बसें वर्तमान में संचालित 1140 डीजल और सीएनजी बसों के स्थान पर लाई जाएंगी। बसों का आवंटन शहरों की यात्री आवश्यकता और रूट डिमांड के अनुसार किया जाएगा, जिससे नगरीय यातायात में सुधार और प्रदूषण में कमी सुनिश्चित हो सके।

मुख्य सचिव ने वाराणसी में ई-बसों के संचालन को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए चार्जिंग क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इसके तहत सारनाथ पार्किंग स्थल पर द्वितीय अवसर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और दो नए चार्जर लगाने के लिए ₹103.53 लाख के प्रारंभिक आगणन को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा तो ई-बसों का संचालन निर्बाध और भरोसेमंद बनेगा।

बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के 15 शहरों में संचालित इलेक्ट्रिक बसों के लिए कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट लागू करने का फैसला किया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इसके लिए शीघ्र कंसल्टेंट चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए। इस परियोजना के माध्यम से उत्सर्जन में कमी का आकलन कर कार्बन क्रेडिट का विक्रय किया जाएगा, जिससे नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू प्राप्त होगा। खास बात यह है कि इस योजना से निदेशालय पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति-2022 के तहत प्रदेश के 16 नगर निगमों में 272 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यह कार्य उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से कराया जाए, ताकि ई-वाहनों को बढ़ावा मिले और शहरी क्षेत्रों में हरित गतिशीलता को बल मिले।

बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी निर्णयों का निरंतर मॉनिटरिंग के साथ धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

ये भी पढ़ें :
बैंक कर्मियों की हड़ताल से 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित, पांच दिवसीय साप्ताहिक कार्य दिवस लागू करने की मांग

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज