वेंटीलेटर की ओर बढ़ता सर्राफा कारोबार... हर पांच घंटे में बदल रहा भाव, दुकानों में नहीं आ रहे ग्राहक
बजट में भाव की स्थिरता को लेकर ठोस पहल की उम्मीद
नीरज मिश्र, लखनऊ, अमृत विचार: सोने-चांदी का भाव हर चार-पांच घंटे में बदल रहा है। इससे ग्राहक और दुकानदार दोनों सकते में हैं। हालत यह है कि सहालग के समय भी सर्राफा बाजार के शोरूमों में सन्नाटा पसरा है। कारोबारियों का कहना है कि, भाव में जब तक स्थिरता नहीं आएगी तब तक ग्राहक बाजार में लौटने वाले नहीं। एक फरवरी को केंद्र सरकार का बजट आ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि केंद्र सरकार बजट में सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों पर गंभीर पहल करे नहीं तो सराफा बाजार खत्म हो जाएगा। सहालग के समय भी बाजार पहले जहां कारोबार उफान पर रहता था, वहीं अब गिने-चुने खरीदार ही आ रहे हैं। सर्राफ कहते हैं कि व्यवसाय वेंटीलेटर पर पहुंच चुका है। गुरुवार को सोने का भाव प्रति 10 ग्राम तीन प्रतिशत जीएसटी समेत लगभग 1,82,500 रुपये रहा तो चांदी का 4,05,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। जिनके पास पुरानी ज्वेलरी है, लोग उसे रीसाइकिल करा लोग अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
बढ़ती कीमतों से खरीद की क्षमता होती है कम
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र और चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल ने संगठन की ओर से सोने-चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कीमती धातुओं के दाम बढ़ने से छोटे ज्वेलर्स और खुदरा व्यापारी सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बढ़ी हुई कीमतों के कारण ग्राहकों की खरीद क्षमता कम होती है, जिससे बिक्री घटती है और स्टॉक फंसने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की आवश्यकता बढ़ने से छोटे व्यापारियों पर वित्तीय दबाव और अधिक हो जाता है। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि सरकार सोना-चांदी व्यापार से जुड़े छोटे कारोबारियों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा, कर प्रक्रियाओं में सरलीकरण तथा नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करे, ताकि वे बाजार की अस्थिरता के बीच भी अपना व्यापार सुचारु रूप से चले। व्यापारियों ने सरकार से अनुरोध किया कि बजट निर्माण में जमीनी स्तर के व्यापारियों की इन व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
निवेशक सोच समझकर कर सोने चांदी में करें निवेश: इब्जा
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स इब्जा के स्टेट हेड अनुराग रस्तोगी ने कहा कि निवेशक सोच-समझकर इन दोनों धातुओं में निवेश करें। किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। अगर थोड़ा-बहुत मुनाफा पा रहे हैं तो उसे लेकर बाहर आ जाएं। पैसा फंसाए नहीं। दोनों धातुएं उछल भी सकती हैं और डाउन भी हो सकती हैं। मौजूदा वक्त में सर्राफा बाजार और शोरूम में सन्नाटा है। बाजार में जो इक्का दुक्का ग्राहक दिख भी रहे हैं या तो वह अपनी पुरानी ज्वेलरी को रीसाइकिल करा अपने घर की शादियों में उसका प्रयोग कर काम चला रहे हैं। या फिर उसके बदले हल्की ज्वेलरी लेकर काम निकाल रहे हैं।
