वरिष्ठ नेताओं के सामने भी टकराव, भाजपा में बढ़ी अनुशासनहीनता... वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
महोबा और अयोध्या की घटनाओं से पार्टी हुई असहज
लखनऊ, अमृत विचार: भारतीय जनता पार्टी में अनुशासनहीनता के मामलों ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। बीते 24 घंटों में महोबा और अयोध्या में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में विधायक और कार्यकर्ता वरिष्ठ नेताओं के सामने ही आपस में उलझते नजर आए। दोनों मामलों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
दोनों घटनाओं ने पार्टी नेतृत्व के सामने अनुशासन का सवाल खड़ा कर दिया है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले भाजपा के लिए संगठनात्मक स्तर पर चुनौती बनते दिख रहे हैं।
महोबा में मंत्री–विधायक में तीखी नोकझोंक
शुक्रवार को महोबा में स्वतंत्र देव सिंह एबीवीपी के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने समर्थकों और प्रधानों के साथ उनका काफिला रोक लिया। जल जीवन मिशन के तहत काम न होने का आरोप लगाते हुए विधायक की मंत्री से तीखी बहस हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के सुरक्षा कर्मियों के बीच भी तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर की मध्यस्थता के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद बंद कमरे में बातचीत हुई और मंत्री को सुरक्षा घेरे में रवाना किया गया।
अयोध्या में डिप्टी सीएम के सामने भिड़े कार्यकर्ता
गुरुवार को अयोध्या में केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में भाजपा के दो स्थानीय नेता—जिला अध्यक्ष संजीव सिंह और सच्चिदानंद पांडेय—आपस में भिड़ गए। गोसाईगंज के पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’ की मां के शांति भोज कार्यक्रम में हुए इस विवाद में धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई, जिसके बाद डिप्टी सीएम के अंगरक्षकों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
