Moradabad : नवीन फल–सब्जी मंडी में आढ़ती व ठेला पटरी विक्रेता आमने-सामने

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। नवीन फल व सब्जी मंडी में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब आढ़ती और ठेला-पटरी पर फल-सब्जी बेचने वाले आमने-सामने आ गए। मंडी परिसर के मुख्य मार्ग को खाली कराने के लिए दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा हुआ। सब्जियों को फेंक कर धरना प्रदर्शन किया।

मंडी में ठेला लगाकर फल-सब्जी बेचने वालों द्वारा रास्ता अवरूद्ध करने से नाराज आढ़तियों ने मंडी सचिव कार्यालय के बाहर सब्जियां फेंककर विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। आढ़तियों का कहना था कि मंडी परिसर में अवैध रूप से लग रहे ठेलों के कारण उनके व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और किसानों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है। फल सब्जी विक्रेता कल्याण समिति के साथ अन्य संगठनों के आढ़ती मंडी सचिव कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नाराज आढ़तियों ने टमाटर, आलू और प्याज के बोरे कार्यालय के बाहर फेंक दिया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।

आढ़तियों के विरोध के जवाब में ठेला-पटरी पर फल-सब्जी बेचने वाली महिलाएं भी मंडी सचिव कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं और आढ़तियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक दोनों पक्ष मांगों को लेकर आमने-सामने डटे रहे। स्थिति बिगड़ती देख मंडी सचिव ने मझोला पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी पक्ष मानने को तैयार नहीं हुआ। 

पुलिस की मौजूदगी में मंडी सचिव कार्यालय से बाहर आए और बताया कि मंडी परिसर में केवल थोक विक्रेताओं को ही व्यापार करने की अनुमति है, जबकि फुटकर विक्रेताओं द्वारा मंडी में कारोबार करना नियमों के खिलाफ है। इस दौरान अध्यक्ष प्रीतम सिंह, राजुकमार सैनी, विनोद शर्मा, दिनेश पाल सिंह, नंद किशोर, धर्मपाल सैनी, मोहम्मद अली,अनुज सैनी, तीरथ सैनी, मेवाराम सैनी, कल्लू प्रधान, राहुल शंखधर आदि धरना प्रदर्शन में शामिल रहे। पुलिस ने ठेला-पटरी विक्रेताओं को मंडी परिसर से हटवाया और इसके बाद आढ़तियों ने धरना किया। जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।

मंडी सचिव  संजीव कुमार ने बताया कि मंडी में केवल थोक फल-सब्जी व्यापार के लिए ही लाइसेंस दिए जाते हैं। मंडी समिति की सड़कों पर फुटकर विक्रेताओं ने कब्जा कर रखा था, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही थी। कई बार अनाउंसमेंट कराकर उन्हें हटने के लिए कहा गया, लेकिन असर नहीं हुआ। आढ़तियों के धरने के बाद पुलिस की मदद से ठेला-पटरी विक्रेताओं को बाहर कराया गया।

 

संबंधित समाचार