योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, यमुना एक्सप्रेसवे पर टॉय पार्क में बचे सिर्फ 12 प्लॉट

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Published By Deepak Mishra
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ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा

लखनऊ, अमृत विचार: यमुना एक्सप्रेसवे पर 100 एकड़ में तेजी से आकार ले रहे टॉय पार्क के 154 में से 143 प्लॉट आवंटित हो गए हैं। योगी सरकार की औद्योगिक विकास नीति का असर जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। निवेश, आवंटन और निर्माण तीनों स्तरों पर आई रफ्तार ने प्रदेश को खिलौना उद्योग के एक उभरते राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा संकेत दिया है।

यीडा द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं। इनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण बनकर उभरा है, जहां निवेश अब फाइलों तक सीमित न रहकर निर्माण की दिशा में बढ़ चुका है।

यीडा की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क में आवंटित 143 भूखंडों में से 124 निवेशकों ने अपने लीज प्लान जमा कर दिए हैं, जबकि 19 मामलों में दस्तावेज अभी लंबित हैं। इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और शेष 4 मामलों में प्रक्रिया प्रगति पर है।

भूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी परियोजना ने मजबूत रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा किया जा चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। निर्माण के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।

दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण जारी

टॉय पार्क के दूसरे चरण के तहत कुल 11 भूखंड प्रस्तावित हैं। इनमें से 4 भूखंडों की भूमि पहले ही उपलब्ध कराकर योजना के तहत प्रकाशित की जा चुकी है। शेष 7 भूखंडों (कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़) के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि इन्हें भी जल्द निवेशकों के लिए खोला जा सके।

आधुनिक टॉय इंडस्ट्री इकोसिस्टम का लक्ष्य

टॉय पार्क में प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों की विनिर्माण इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है। इसके साथ ही कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा।

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