नोएडा इंजीनियर मौत मामला : अदालत ने रियल एस्टेट फर्म के दो कर्मचारियों को दी जमानत

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Published By Deepak Mishra
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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक स्थानीय अदालत ने 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में एक रियल एस्टेट फर्म के दो कर्मचारियों को जमानत दे दी है। अधिवक्ताओं ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूरजपुर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों रवि बंसल और सचिन करणवाल को जमानत दे दी। 

इन दोनों को सेक्टर-150 में एक निर्माण स्थल के पास जलभराव वाले गड्ढे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के डूबने से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने दावा किया कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है, और उन्होंने जमानत पर रिहाई की मांग की। अभियुक्त की ओर से पेश हुए अधिवक्ता मनोज भाटी ने कहा कि अदालत ने जमानत दे दी क्योंकि इस मामले में आरोपित अपराध जमानती है। 

वकील ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया और विभिन्न शर्तें लगाते हुए उन्हें जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश भी दिया। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे और विदेश यात्रा के मामले में उसे पहले से अनुमति लेनी होगी। 

भाटी ने कहा कि आरोपियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे जांच के दौरान अभियोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न करें। यह मामला 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से संबंधित है। गौरतलब है कि 16 और 17 जनवरी की दरमियानी रात को एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में युवराज की कार गिरने के बाद डूबने से उनकी मौत हो गई थी।

इस घटना से जनता में आक्रोश फैल गया, स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और डेवलपर्स तथा नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही के आरोप भी लगे। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल भी इस मामले की जांच कर रहा है।  

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