Budget 2026 Expectations: बजट पर टिकीं आम आदमी की नजरें... महंगाई, टैक्स और रोजगार पर राहत की सबसे बड़ी उम्मीद

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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किसान, युवा और मध्यम वर्ग को ठोस फैसलों का इंतजार

लखनऊ, अमृत विचार: यूनियन बजट 2026 को लेकर इस बार प्रदेश के आम लोगों की उम्मीदें पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं। लगातार बढ़ती महंगाई, सीमित रोजगार के अवसर और रोजमर्रा के खर्चों के दबाव ने आम परिवारों की आर्थिक चुनौतियां बढ़ा दी हैं। ऐसे में 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट को लेकर शहरों से गांवों तक चर्चा है। आम आदमी को उम्मीद है कि इस बार बजट में केवल बड़े आंकड़ों और घोषणाओं के बजाय उसकी रोजमर्रा की परेशानियों पर ठोस फैसले लिए जाएंगे।

हर वर्ग चाहे वह किसान हो, युवा हो, नौकरीपेशा हो या मध्यम वर्ग की नजरें 1 फरवरी के बजट पर टिकी हैं। सबको उम्मीद है कि यह बजट केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब और भविष्य दोनों को संबल देने वाला साबित होगा। लखनऊ, कानपुर, बरेली, मुरादाबाद, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ जैसे बड़े शहरों में नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी अपेक्षा इनकम टैक्स में राहत को लेकर है। लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच टैक्स स्लैब में छूट और मानक कटौती बढ़ाए जाने से उनकी जेब पर पड़ रहा दबाव कुछ कम हो सकता है। साथ ही सीनियर सिटीजन के लिए रेलवे रियायतों की बहाली और स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त प्रावधान की मांग भी सामने आ रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बजट में कृषि आपूर्ति श्रृंखला, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और परिवहन लागत घटाने पर जोर दिया गया, तो इसका सीधा लाभ यूपी को मिलेगा, क्योंकि देश की बड़ी आबादी और कृषि उत्पादन यहीं केंद्रित है। सरकारी नौकरियों पर निर्भरता कम करते हुए एमएसएमई, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देना जरूरी है। यूपी में डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावना को देखते हुए बजट में इन सेक्टर्स के लिए क्रेडिट सपोर्ट, आसान ऋण और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष प्रावधान होने चाहिए। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत मिलनी चाहिए, लेकिन साथ ही राजकोषीय अनुशासन भी जरूरी है।

रोजगार और शिक्षा पर युवाओं की निगाहें

प्रदेश के युवाओं की निगाहें रोजगार और शिक्षा पर टिकी हैं। बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों के युवाओं का कहना है कि बजट में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। औद्योगिक निवेश के साथ-साथ कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने से युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सकता है। युवाओं की यह भी अपेक्षा है कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए जाएं।

किसानों को सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य ठोस कदम

ग्रामीण इलाकों और किसान परिवारों के लिए भी यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक किसानों को खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज के दाम और सिंचाई खर्च की चिंता है। किसान चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र के लिए सब्सिडी, न्यूनतम समर्थन मूल्य और कृषि अवसंरचना पर बजट में ठोस कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही ग्रामीण रोजगार, सिंचाई परियोजनाओं और गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की भी मांग उठ रही है।

रसोई गैस समेत दैनिक उपयोग की वस्तुओं में राहत की उम्मीद

महंगाई से जूझ रही गृहिणियों और आम परिवारों को रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में राहत की उम्मीद है। लोगों का कहना है कि यदि बजट में महंगाई नियंत्रित करने के उपायों और बचत को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं की घोषणा होती है, तो आम आदमी को वास्तविक राहत मिल सकती है।

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