Bareilly : ''पड़ोसी से न मिल पाया पड़ोसी, मेरी किस्मत भी हिंदुस्तान सी है''

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Published By Pradeep Kumar
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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संजय कम्युनिटी हाल में अखिल भारतीय काव्य और मुशायरा प्रतियोगिता आयोजित

बरेली, अमृत विचार। ऑल इंडिया कल्चरल एसोसिएशन की ओर से गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संजय गांधी कम्युनिटी हॉल में अखिल भारतीय काव्य और मुशायरा प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ। जिसका शुभारंभ नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने किया। काव्य सम्मेलन में इकबाल आजर, सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. राजेश डोभाल, नदीम अनवर, सत्येंद्र शर्मा, इम्तियाज अकबराबादी, विवेक श्रीवास्तव, विजय श्री, वंदिता पवन शर्मा समेत तमाम कवियों ने अपनी उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुतियां दीं।

इकबाल आजर ने सुनाया "पड़ोसी से न मिल पाया पड़ोसी, मेरी किस्मत भी हिंदुस्तान सी है।" विवेक श्रीवास्तव ने कहा- "राम ही राष्ट्र है, राम ही प्रजा, भारत के संविधान में राम राम सत्य है, राम सनातन देश के कण कण में राम है।" नदीम अनवर ने कहा -"जमीं पे चांद बिछा दूं नजर को जाम करूं, वो आ तो जाएं किसी दिन ये एहतमाम करूं। निर्णायक मंडल में आकाशवाणी बरेली के कार्यक्रम अधिशासी गौरव सक्सेना, डॉ. सैयद सिराज अली और कमल श्रीवास्तव शामिल रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव शर्मा टीटू और संयोजक अंकुर किशोर सक्सेना ने आगामी दो दिनों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विवरण साझा किया। देहरादून के फिल्म निर्माता स्वप्निल सिन्हा, समाजसेवी पवन सक्सेना, नीलम वर्मा, हरजीत कौर, रवि सक्सेना, प्रदीप मिश्रा सहित अनेक प्रतिष्ठित अतिथि और दर्शक उपस्थित रहे। कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सैयद सिराज अली ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय संस्कृति, कला और काव्य के प्रति लोगों की गहरी रुचि देखने को मिली। संचालन रोहित राकेश ने किया। कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों पर आधारित अपने रचनात्मक काव्य प्रस्तुत किए।

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