Budget 2026: आम बजट में विद्युत संशोधन बिल और निजीकरण की आहट, बिजलीकर्मियों की बढ़ी निगाहें
लखनऊ, अमृत विचार: देश के आम बजट को लेकर बिजली कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है। उनकी निगाहें ऊर्जा क्षेत्र में प्रस्तावित निजीकरण और विद्युत संशोधन बिल पर टिकी हुई हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आशंका जताई है कि आम बजट के माध्यम से बिजली क्षेत्र में निजीकरण के रास्ते खोले जा सकते हैं।
संघर्ष समिति के अनुसार, 30 जनवरी को केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री यशोपाद नायक ने लोकसभा में विद्युत संशोधन बिल के ड्राफ्ट का विवरण साझा किया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि आम बजट या बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित कराने की कोशिश की जा सकती है। समिति संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि सरकार बेलआउट पैकेज के नाम पर बिजली क्षेत्र में निजीकरण को आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो बिजली कर्मचारी अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार तत्काल प्रभाव से विरोध प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगे। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन और निजीकरण से सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनियों, कर्मचारियों के अधिकारों और उपभोक्ताओं के हितों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से आम बजट और आगामी संसदीय गतिविधियों पर बिजलीकर्मी संगठनों की कड़ी नजर बनी हुई है।
