राम कथा संग्रहालय में तैयार किया जा रहा आधुनिक म्यूजियम, कमरे में बैठ होगा राम मंदिर में होने का एहसास

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Published By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के एक कमरे में बैठकर पर्यटक पूरे राम जन्मभूमि परिसर का भ्रमण कर सकेंगे। जहां खुद परिसर में घूमने का एहसास भी होगा। जिसके लिए 7डी के माध्यम आधुनिक म्यूजियम तैयार किया जा रहा है। ट्रस्ट के मुताबिक यह संग्रहालय जिज्ञासु युवाओं को भी कुछ नई तकनीक सिखाएगा।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने रविवार को सरयू तट स्थित निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय श्री राम कथा संग्रहालय का निरीक्षण किया। निर्माण संस्था के अधिकारियों के साथ बैठक भी की, जिसमें आईआईटी मद्रास, फ्यूजन वी आर और अरविंद विनोद एसोसिएट संस्था चंडीगढ़ ने आधुनिक तकनीक पर तैयार होने वाले म्यूजियम को वीडियो प्रेजेंटेशन से प्रस्तुत किया।

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के नाम से जाना जाता है। जिसे तत्कालीन सरकार के द्वारा बनवाया गया था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र भी एक म्यूजियम का निर्माण करना चाहता था। अयोध्या में दो म्यूजियम बने यह कुछ व्यवहारिक नहीं था। म्यूजियम सामान्य नागरिकों के लिए होता है। इसलिए प्रदेश सरकार से विचार कर बनाया गया म्यूजियम ट्रस्ट को लीज पर मिल गया। 

उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी बहुत ही बढ़ गई है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री की इच्छा है कि इस म्यूजियम को नए ढंग से प्रस्तुत किया जाए। तथ्यात्मक जानकारी मिले, जिज्ञासु युवकों को यहां कुछ सीखने को मिले आदि। उसी पर कार्य हो रहा है।

स्थान का अधिक से अधिक उपयोग हो इसके लिए इसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आईआईटी मद्रास की टीम जो कुछ उपलब्ध है उसे किस प्रकार से व्यवस्थित किया जाए, पर काम कर रही है। इसी संबंध में यहां बैठक कर चिंतन किया गया है।

उन्होंने कहा कि योजना में एक विशेष चर्चा हुई कि 70 एकड़ परिसर में व्यक्ति का घूमना संभव नहीं है। बहुत अधिक पैदल चलना पड़ेगा। सुरक्षा के तमाम कारण भी हो सकते है। ऐसे में श्रद्धालु मंदिर की नक्काशी, आइकोनोग्राफी, परकोटा के सभी मदिर, म्यूरल्स, मंदिर के चारों तरफ वॉल पर लगे भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग, सप्त ऋषि मंदिर कुबेर टीला समेत सभी को एक कमरे में बैठकर ऐसे देख सके, जो चलकर देखने का अहसास कराए। इसके बारे में एक कमरे में वॉकथ्रू वीडियो के माध्यम से उसे पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण कराये जाने की भी तैयारी हो रही है।

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