पार्षद-पुलिस में तीखी नोंकझोंक... पांच घंटे चला हंगामा, कोर्ट के आदेश पर खाली कराया गया मकान, पार्षद बोले- एकतरफा कार्रवाई

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: कोर्ट के आदेश पर खाली कराये गये मकान को एक तरफ कार्रवाई बताकर दो दिन से पार्षद धरने पर बैठे हैं। इस मामले में पार्षद व पुलिस के बीच सोमवार को नोंकझोंक हो गई। पुलिस के मुताबिक डीएम से मुलाकात के बाद भी बात नहीं बनी तो पार्षद समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने नियंत्रित करने के लिए लाठियां फटकारी। वहीं, पार्षद को हिरासत में ले लिया। अभी पुलिस पार्षद को थाने लेकर पहुंची ही थी कि समर्थकों ने थाना घेर लिया।

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पार्षद के समर्थकों का कहना है कि पुलिस अभद्रता की। सिपाही से भिड़ गये। उसकी वर्दी तक फाड़ दी। आरोप है कि पार्षद को घसीटकर थाने ले गई। नाराज सैकड़ो समर्थक थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। देर शाम शांतिभंग का चालान करने के बाद पार्षद को छोड़ दिया गया। इसके बाद स्थिति को काबू किया जा सका।

एसीपी अनिद्य विक्रम सिंह ने बताया गाजीपुर के बस्तौली गांव में मेन रोड पर 1350 स्क्वायर फिट मकान को लेकर बाराबंकी के जितेंद्र मोहन सिंह और वहीं के रहने वाले रामू वाल्मीकि के बीच कोर्ट में केस चल रहा था। मकान में रामचंद्र और उनके परिवार के लोग सालों से रहते थे। कोर्ट ने मोहन के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट के आदेश पर पिछले वर्ष 31 मई को पुलिस कब्जा कटवाने गई लेकिन विरोध के चलते कब्जा नहीं छूट पाया।

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इस पर जितेंद्र मोहन ने वकील के माध्यम से सीपी, एसीपी और थाना प्रभारी कंटेंट ऑफ कोर्ट भेज दिया। 31 जनवरी को अमीन की मौजूदगी में पुलिस बल का इस्तेमाल कर मकान खाली करवा दिया और मकान में ताला लगाकर चाबी जितेंद्र मोहन को सौंप दी। इसके बाद लवकुशनगर से सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि, रामचंद्र, उनके बेटे अरुण, पार्षद समर्थक राजेंश, महेंद्र, शनि, स्वाति समेत और कब्जा करने वाले परिवार से जुड़े अन्य लोग धरने पर बैठ गए। पुलिस ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें समझाया लेकिन वह नहीं माने। तीन दिन धरने के बाद सोमवार को डीएम से मुलाकात हुई। कोर्ट का आदेश होने की वजह से कोई राहत नहीं मिली। बवाल बढ़ता देख इंदिरानगर, विकासनगर, चिनहट, विभूतिखंड समेत करीब 10 थानों का पुलिस बल पीएसी मौके पर बुलाई गई।

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ताला तोड़ा, पुलिस से की अभद्रता

पुलिस के मुताबिक डीएम से मुलाकात के बाद भी राहत न मिलने से नाराज समर्थकों व परिवार के लोगों ने जबरन ताला तोड़ दिया। समझाने पर परिवार उग्र हो गया और पथराव के साथ ही पुलिस से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई। इस पर पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए पार्षद सहित 6 लोगों को हिरासत में ले लिया।

पांच घंटे चला हंगामा

हंगामे होते ही पुलिस ने पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि के साथ 5 समर्थकों को हिरासत में लेकर गाजीपुर थाने पहुंच गई। जानकारी होते ही आक्रोशित सैकड़ों लोग थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए आसपास के थानों से और बल बुला लिया। इसके बाद मौके पर एडीसीपी ईस्ट पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। सभी का शांतिभंग में चालान किया गया।

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