यूपी बजट सत्र से पहले समीक्षा...दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग का सशक्तीकरण सर्वोच्च प्राथमिकता
लखनऊ, अमृत विचार: सचिवालय के नवीन भवन में मंगलवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में बजट सत्र से पूर्व विभागीय योजनाओं की समीक्षा और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित बजट मांगों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार की यह स्पष्ट नीति है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचे और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मंत्री कश्यप ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि ये संस्थान दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि मंडल स्तर पर कार्यशालाओं, जागरूकता अभियानों और प्रचार-प्रसार गतिविधियों के माध्यम से इन विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं, पाठ्यक्रमों और अवसरों की जानकारी दिव्यांगजनों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें।
इसके साथ ही मंत्री ने दोनों विश्वविद्यालयों में रिक्त शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने और निर्माणाधीन भवनों एवं अन्य विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अधोसंरचना दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे मजबूत आधार है।
