बाराबंकी : कचहरी में जमकर हंगामा, वकील का फूंका तख्त, बारा टोल प्लाजा के आरोपियों की पैरवी का आरोप
माहौल भांप आरोपी वकील मौके से हुए गायब
बाराबंकी, अमृत विचार। गुरुवार को कचहरी में माहौल अचानक उग्र हो गया। बारा टोल प्लाजा पर वकीलों से मारपीट के आरोपियों की पैरवी कर रहे कचहरी के एक अधिवक्ता का तख्त व बेंच फूंक दी गई। साथी वकीलों का गुस्सा देख पैरवी कर रहे वकील के साथ ही उनके सहयोगी मौके से चुपचाप निकल गए। हालांकि कोर्ट से आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई। मौके पर जमकर हंगामा हुआ। वहीं पैरवी के आरोपी वकील के बैठने न बैठने पर फैसले का दायित्व कार्यकारिणी पर डाल दिया गया है।
बताते चलें कि हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर स्थित बारा टोल प्लाजा पर 14 जनवरी को टोल कर्मियों और एक वकील के बीच मारपीट और जबरदस्त विवाद हुआ था। फास्टैग बैलेंस न होने पर वकील की पिटाई से आक्रोशित वकीलों ने तीन दिन तक विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में पीड़ित वकील की तहरीर पर पुलिस ने टोल प्लाजा प्रबंधक समेत आधा दर्जन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली।

घटना के बाद एनएचएआई ने टोल ऑपरेटर कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया था। गुरुवार को जिला मुख्यालय पर कचहरी में न्याय भवन के सामने हाल में बैठने वाले अधिवक्ता मनोज शुक्ला ने आरोपियों की जमानत के लिए निचली अदालत में वकालतनामा लगाया था। इसकी खबर तेजी से फैली, वहीं मनोज शुक्ला के तख्त के आस पास भीड़ एकत्र हो गई, माहौल उग्र हो गया, इसी बीच वकील मनोज शुक्ला अपने सहयोगियों के साथ मौके से निकल लिए, वहीं उनका तख्त व बेंच तोड़फोड़ कर उसमें आग लगा दी गई।
इस दौरान एकत्र भीड़ ने जमकर हंगामा व नारेबाजी की। यह घटना सुनने व देखने के बाद परिसर में चर्चा का माहौल बन गया। इस बारे में जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा ने बताया कि अधिवक्ता मनोज शुक्ला बारा टोल प्लाजा पर वकील के साथ हुई घटना के आरोपियों की पैरवी कर रहे थे।
इसकी खबर पाकर गुस्साए वकील एकत्र हो गए और नाराजगी का इजहार किया। हालांकि वकील का सामान सुरक्षित है। आगे वकील मनोज शुक्ला कचहरी में बैठेंगे या नही के सवाल पर नरेन्द्र वर्मा ने जवाब दिया कि इसका फैसला कार्यकारिणी या सदन करेगा। आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज हो गई है।
