कानपुर : सीएम-ग्रिड कार्यों में मैनपावर की कमी, कंस्ट्रक्शन एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश
कानपुर। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम-ग्रिड) के अंतर्गत स्वरूप नगर स्थित तितली चौराहा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्याप्त मैनपावर न लगाने वाली कार्यदायी संस्था के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही परियोजनाओं की नियमित समीक्षा डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिले में सीएम-ग्रिड के तहत कुल 13 परियोजनाएं तीन फेज में संचालित/प्रस्तावित हैं। प्रथम फेज में 5 परियोजनाएं (16.66 किमी, लागत लगभग 150 करोड़ रुपये), द्वितीय फेज में 5 परियोजनाएं (10.55 किमी, लागत लगभग 170 करोड़ रुपये) तथा तृतीय फेज में तीन परियोजनाएं शामिल हैं, जिनका कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है। प्रथम फेज का कार्य जून 2025 में शुरू हुआ था और इसे 25 नवंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना है, लेकिन निरीक्षण के दौरान कार्य संतोषजनक गति से होता नहीं पाया गया।
जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि फेजवार प्रगति का विस्तृत चार्ट प्रस्तुत किया जाए और डीपीआर में निर्धारित टाइमलाइन के अनुरूप शेष कार्यों की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि एचडीपी, एफसी और फिनिशिंग कार्यों के लिए अलग-अलग मल्टीपल टीमें लगाई जाएं तथा कार्यस्थल पर तत्काल मैनपावर बढ़ाई जाए। साथ ही निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि शहर में एक साथ खुदाई न हो और आमजन को यातायात संबंधी असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त द्वारा भी परियोजना की समीक्षा की जा चुकी है और मैनपावर की कमी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने दैनिक स्तर पर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूर्ण हों, ताकि नागरिकों को बेहतर सड़क और यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
