सरकारी विभाग उत्पीड़न करें तो SHRC दिलाएगा न्याय, बोले ब्रजभूषण- पुलिस के अलावा राजस्व, बिजली, श्रम समेत सभी विभागों के पीड़ित कर सकते हैं शिकायत
लखनऊ, अमृत विचार: राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य एवं पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक ब्रजभूषण ने कहा कि आयोग बगैर एक रुपये खर्च कराए पीड़ितों को न्याय देता है। जागरूकता के अभाव में अधिकांश लोगों का मानना है कि आयोग केवल पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ ही शिकायत सुनता है, जबकि आयोग पुलिस के साथ ही राजस्व, विद्युत, श्रम, स्वास्थ्य समेत सभी विभागों द्वारा परेशान किए जा रहे लोगों को राहत दिलाने के कार्य करता है।
उन्होंने अमृत विचार को बताया कि राज्य मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) एक संवैधानिक संस्था है। अगर सरकार के किसी भी विभाग में लोगों का जायज काम नहीं हो रहा है, उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है तो वह आयोग में बिना किसी हिचक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए पीड़ित को कोई भी धन खर्च करने की जरूरत नहीं हैं। पीड़ित व्यक्ति मेल, डाक, सादा कागज पर या फिर खुद आयोग में आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी भी पैरोकार की जरूरत नहीं हैं। आयोग किसी भी पीड़ित को मुख्यालय बिना बुलाए ही न्याय दिलाता है। जरूरत पड़ने पर घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक टीम मौके पर भेजी जाती है और गुण-दोष और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित न्याय प्रदान किया जाता है।
एसएचआरसी के सदस्य ने बताया कि आयोग में केवल उन्हीं मामलों की सुनवाई नहीं की जाएगी जो मामले किसी भी अदालत में विचाराधीन नहीं हों। पीड़ितों उनके आवास के पास ही न्याय मिल सके, इसके लिए मंडल मुख्यालयों पर जाकर भी आयोग सुनवाई करता है। अभी दो दिन पहले आगरा में जाकर आयोग ने सुनवाई की है।
13 महीने में निस्तारित किए 35 हजार मामले
उन्होंने बताया कि आयोग ने एक जनवरी-2025 से 26 जनवरी-2026 तक 35 हजार मामलों को गुण दोष और साक्ष्यों के आधार पर निस्तारित किया है। सबसे अधिक शिकायत आयोग के पास पुलिस उत्पीड़न की आती हैं। उसके बाद विद्युत समेत अन्य विभाग आते हैं।
