CTET 2026: कठिन प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को छकाया, कई सवाल अनुत्तरित छोड़ने पड़े; अभ्यर्थी बोले – दोबारा परीक्षा गलत
लखनऊ, अमृत विचार: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) दो दिनों में सम्पन्न हो गई। लखनऊ के सीबीएसई बोर्ड स्कूलों में इस परीक्षा का केंद्र बनाया गया था जहां पर अभ्यर्थी परीक्षा शुरु होने से पहले ही पक्तिबद्ध होकर खड़े हो गए। इस परीक्षा में बोर्ड ने अभ्यर्थियों को अपने साथ पानी की बोतल, फल और जरुरी दवाएं ले जाने की छूट दी थी। हालांकि सीसी कैमरे समेत सुरक्षाकर्मियों की सघन निगरानी में परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा दो पालियों में सम्पन्न हुई जिसमें प्रथम पाली की परीक्षा 9.30 से 12 बजे तक दूसरी शिफ्ट 2.30 से 5 बजे तक आयोजित की गई।
परीक्षा में तर्कशक्ति, पर्यावरण, गणित, इतिहास और भूगोल के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को खूब छकाया। इसके अलावा बाल विकास और शिक्षण विधियों के अलावा भाषा से जुड़े प्रश्न काफी घुमावदार थे। तर्कशक्ति और इवीएस के तार्किक प्रश्नों को हल करने में अभ्यर्थियों को ज्यादा समय लगा। परीक्षा में बड़ी तादाद में प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल हुईं। किसी भी परीक्षा केन्द्र पर गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं मिली।
अभ्यर्थियों ने कहा दोबार परीक्षा कराना गलत
अयोध्या से आए दिनेश मिश्रा ने कहा कि इस उम्र में दोबारा परीक्षा देना पड़ रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के पालन में इस परीक्षा में शामिल होना पड़ रहा है। बाराबंकी की सुमन ने बताया कि नई शिक्षा नीति से जुड़े सवाल ज्यादा पूछे गए हैं। बाल विकास और शिक्षण विधियों से जुड़े सवालों के जवाब मिलते जुलते थे। पर्यावरण में दूसरे प्रदेश से जुड़े करीब आधा दर्जन सवाल थे। इसके अलावा गणित, विज्ञान समेत दूसरे विषय के प्रश्न घुमावदार थे, जिन्हें हल करने में समय अधिक लगा। आखिर में कठिन प्रश्नों को छोड़ना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट ने भी टेट किया है अनिवार्य
सीटेट की परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह रहा कारण कि कुछ दिनों पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने सेवारत शिक्षकों के लिए टेट पास होना अनिवार्य कर दिया है। यह परीक्षा पहले 8 फरवरी को होनी थी, लेकिन देशभर से हुए रिकार्ड आवेदन करीब 25 लाख को देखते हुए इसे दो दिनों कराया गया।
