Moradabad: सील अस्पताल में ऑपरेशन की थी तैयारी, बाहर भीड़ देख कमरे में बंद किए मरीज

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Published By Monis Khan
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ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामूवाला गणेश में सील किए जा चुके एक निजी अस्पताल में झोलाछाप द्वारा मरीजों को भर्ती कर ऑपरेशन की तैयारी किए जाने का मामला उजागर हुआ है। जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एजेएस हेल्थ केयर अस्पताल को हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध संचालन, पंजीकरण के अभाव और योग्य डॉक्टरों की कमी के चलते सील किया था। शनिवार देर रात करीब 12 बजे जब पत्रकारों के साथ लोग मौके पर पहुंचे तो सच्चाई कुछ और ही निकली। सूत्रों के अनुसार अस्पताल में गर्भवती सहित दो मरीज भर्ती थे और ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी। जैसे ही अस्पताल संचालक की नजर बाहर मौजूद लोगों पर पड़ी तो आनन-फानन में मरीजों को दूसरी मंजिल पर बने कमरे में बंद कर दिया गया, जबकि तीमारदारों को आधी रात में ही अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया।

सवाल पूछे जाने पर अस्पताल संचालक ने न केवल गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाया, बल्कि खुलेआम दबंगई दिखाते हुए दावा किया कि बिना सेटिंग के कोई काम नहीं होता। सील दो-तीन दिन में खुल जाएगी। सीएमओ साहब से सीधी सेटिंग है, हमें कोई रोक नहीं सकता।

सील किए जाने की प्रक्रिया पर उठे सवाल
अस्पताल को सील किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार मुख्य शटर पर तो सील लगाई गई थी, लेकिन पास में बने लोहे के दरवाजे को खुला छोड़ दिया गया। अंदर के केबिनों पर मात्र मास्किंग टेप लगाकर सील दर्शाई गई, जिसे हटाकर आसानी से आवागमन किया जा सकता है। सील अस्पताल में इस तरह खुलेआम इलाज और ऑपरेशन की तैयारी ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई की पोल खोल दी है।

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