Bareilly: करोड़ों खर्च फिर भी शुरू नहीं हो सके स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। कहने को स्मार्ट सिटी में 930 करोड़ से अधिक लागत की 63 परियोजनाओं को पूरा कर दिया गया है। लेकिन, इतनी भारी-भरकम धनराशि खर्च होने के बाद स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में विकास की जो बड़ी तस्वीर दिखाई गई थी वह मौजूदा समय में सवालों के घेरे में खड़ी नजर आ रही है। वजह यह है कि कई बड़ी परियोजनाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं। किसी के एक साल से तो किसी के संचालन का दो साल से अधिक समय से इंतजार है। 

बार-बार टेंडर निकाले जाने के बावजूद संजय कम्युनिटी हाल के तालाब और स्काई वॉक के लिए निजी फर्में रुचि नहीं ले रहीं हैं। यहीं नहीं, संजय कम्युनिटी हाल और डीडीपुरम में बनी मल्टीलेवल पार्किंग का लाभ भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। हालांकि अबर्न हाट, शूटिंग रेंज, जीआईसी ऑडिटोरियम समेत कई परियोजनाएं टेंडर के बाद शुरू हो चुकी हैं। अमृत विचार की पड़ताल में कुछ परियोजनाओं की खामियां सामने आईं। इनमें कुछ इस प्रकार हैं.....

11.34 करोड़ का स्काई वॉक बना सफेद हाथी
पटेल चौक पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 11.18 करोड़ की लागत से वर्ष 2024 में बनकर तैयार स्काई वॉक का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका। इसकी स्वचालित सीढ़ियां धूल फांक रही हैं। पिछले साल इसके संचालन के लिए एक कंपनी आगे आई भी तो अफसरों को उसका प्रजेंटेशन रास नहीं आया था। चौथी बार स्काई वॉक का टेंडर निकाला जा चुका है, लेकिन अब तक कंपनी फाइनल नहीं हुई है। नतीजा, शहरवासियों के आसमानी सफर और अलग-अलग प्रकार के व्यंजनों का स्वाद चखने का ख्वाब अब तक अधूरा है। आलम यह है कि शहर में उर्स या अन्य कोई बड़ा कार्यक्रम होने पर भीड़ स्काई वॉक पर चढ़ जाती है। यही नहीं, स्काई वॉक के आसपास भोजन और नाश्ते के कई ठेले लगते हैं। इसकी सीढ़ियों पर बैठकर लोग नाश्ता और भोजन करते हैं। देर रात तक वहां शराबियों की महफिल भी सजती है, पर कार्रवाई नहीं होती।

शहरवासियों के लिए बंद, चोरों के लिए खुला तालाब
संजय कम्युनिटी हॉल में तैयार किया गया अमृत सरोवर नौ करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया, जिसमें पोर्टेबल शॉप, बोलार्ड लाइटें, स्केटिंग ट्रैक और सेल्फी प्वाइंट जैसी सुविधाएं बनाई गईं और पास में मल्टीलेवल पार्किंग भी तैयार कर दी गई। सात सितंबर 2022 को इसका लोकार्पण खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया, लेकिन तब से यह तालाब शहरवासियों के लिए बंद पड़ा है। सपनों का तालाब अब चोरों का अड्डा बन चुका है-अधिकतर बोलार्ड लाइटें चोरी हो चुकी हैं और शॉप व अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसके लिए तीन बार पहले टेंडर निकल गए थे, लेकिन काम शुरू ही नहीं हो पाया। अब नगर निगम ने फिर से कवायद करते हुए चौथी बार टेंडर निकाला है।

7.59 करोड़ का लाइट एंड साउंड शो हटाया गया
स्मार्ट सिटी के नाम पर पैसा सचमुच पानी की तरह बर्बाद किया गया। बिना किसी योजना या जरूरत के, जिला जेल की दीवार के बाहर 7.59 करोड़ रुपये खर्च कर लाइट एंड साउंड शो बना दिया गया, जो अब तक काम ही नहीं कर सका। शुरुआती एक-दो महीने में लोग देखने आए, लेकिन जल्द ही निराश होकर मुंह फेर लिया। अब यह शो पूरी तरह बंद पड़ा है। जब जेल का पुनर्निर्माण शुरू हुआ, तो अधिकारियों ने इसे हटाने का आदेश दिया और शो को ज्यों का त्यों हटा दिया गया। नौकरशाही और गैर-जिम्मेदारी की यह स्पष्ट मिसाल है। जनता के लिए कोई फायदा नहीं, सिर्फ खोखले दावे और बर्बाद हुआ पैसा ही दिख रहा है।

गांधी उद्यान का लाखों का फाउंटेन बना दिखावा
गांधी उद्यान में पीछे 79 लाख रुपये की लागत से बनाया गया म्यूजिकल फाउंटेन अब पूरी तरह बंद हो गया है। कुछ समय पहले यह फाउंटेन थोड़े दिन चलता और फिर बंद हो जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय से यह बिल्कुल काम नहीं कर रहा है। रविवार दोपहर वहां मौजूद कुछ युवाओं ने इसकी उपयोगिता पर सवाल उठाए और पूछा कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए इस फाउंटेन का आम जनता को क्या फायदा हुआ। नगर निगम की ओर से भी अब तक इसकी मरम्मत या संचालन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं। जनता के लिए यह परियोजना महज दिखावा बनकर रह गई है।

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि स्मार्ट सिटी की सभी परियोजनाओं के संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। स्काई वॉक और संजय कम्युनिटी हॉल परिसर में स्थित अमृत सरोवर के लिए अभी तक कोई फर्म सामने नहीं आई है। चौथी बार दोनों परियोजनाओं का टेंडर निकाला जा चुका है। कई बड़ी परियोजनाएं मल्टी लेवल पार्किंग, आई ट्रिपल सी और अर्बन हाट का संचालन हो चुका है। 

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