मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन ने अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति का कार्यभार संभाला, शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रशासनिक सुधार का लिया संकल्प
लखनऊ, अमृत विचार : मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन ने सोमवार को अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति का कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यवाहक कुलपति एवं केजीएमयू के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव मिश्रा से उन्हें कार्यभार सौंपा। डॉ. देवगन ने अटल विवि को शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक दक्षता के मामले में देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल कराने की बात कही।
सेना के शोध, शिक्षण और प्रबंधन संस्थानों में लंबे अनुभव वाले डॉ. देवगन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेडिकल व्यवस्था के प्रमुख थे। उनका प्रशासनिक और रणनीतिक अनुभव विश्वविद्यालय के लिए अहम माना जा रहा है। नए कुलपति के सामने विश्वविद्यालय को पटरी पर लाने की बड़ी जिम्मेदारी है। प्रदेश के मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को संबद्धता देने के उद्देश्य से स्थापित इस विश्वविद्यालय से वर्तमान में 65 मेडिकल, 16 डेंटल, 279 नर्सिंग और 47 पैरामेडिकल कॉलेज जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद शैक्षणिक सत्र अव्यवस्थित है। विश्वविद्यालय में अभी तक एक भी अधिकारी या कर्मचारी नियमित नहीं है। कॉलेजों के मानकों की जांच के लिए निरीक्षण प्रक्रिया ठप पड़ी है। परीक्षा संचालन और उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए नियुक्त कंपनी को लगभग 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन कंपनी अधूरा काम छोड़कर चली गई। हैरानी की बात यह है कि अब तक संबंधित कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डॉ. संजीव मिश्रा अपने मूल संस्थान केजीएमयू लौट आए हैं, जहां उन्होंने सोमवार को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में पुनः कार्यभार संभाल लिया। उनके लौटने से केजीएमयू में कैंसर मरीजों को राहत मिलने और इलाज के इंतजार की अवधि घटने की उम्मीद है।
