Bareilly: मिलावटी सरसों तेल की मंडी बना बरेली , इंडोनेशिया और मलेशिया से आने वाले तेल में भी खेल
बरेली, अमृत विचार। जनपद में बड़े स्तर पर सरसों के तेल में मिलावट हो रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त तक शिकायतें पहुंच रहीं हैं। बरेली में पूर्व में सरसों के तेल में पॉम ऑयल की मिलावट होने की पुष्टि हो चुकी है। सर्दी में कई कारोबारी राइस ब्रान ऑयल मंगाकर सरसों के तेल में मिला रहे हैं। ये तेल सरसों के तेल से बहुत ही सस्ता मिलता है, इसमें कुछ सरसों तेल व कलर मिलाकर इसे खुला बेचने के साथ विभिन्न ब्रांडों के नाम से बाजार में भेजा जा रहा है। एक माह में कई जगहों पर हुई छापेमारी में बड़े स्तर की मिलावट का शक है।
सरसों के तेल की बरेली बड़ी मंडी है। बरेली जनपद की बात करें तो करीब 55 लाख की आबादी जिले की है। एक परिवार में यदि 8 सदस्य गिने जाएं तो जनपद में 687500 परिवार होंगे। एक परिवार में प्रतिदिन सौ ग्राम तेल की खपत का औसत है। इस तरह प्रतिदिन 68750 किलोग्राम सरसों तेल की खपत हो रही है, इतनी मात्रा में तेल की खपत के सापेक्ष सरसों तो बरेली व आसपास पैदा भी नहीं हो रही है।
एफएसडीए के अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो साल में बरेली जनपद में तेल के कितने सैंपलिंग अनसेफ और सबस्टैंडर्ड आए थे, इसकी रिपोर्ट शासन ने मांगी थी। उसी रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद बरेली में तेल में मिलावट की आशंका पर छापेमारी की जा रही है। शहर के माधोबाड़ी में तेल की पुरानी कई फैक्ट्रियां हैं, पिछले दिनाें यहां से खुला तेल बिक्री के लिए बिना लिखा-पढ़त के दूसरे ठिकाने पर ई-रिक्शा से पहुंचाया जा रहा था, उसे जब्त किया गया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षत गोयल ने बताया कि ब्रह्मपुरा नई बस्ती से लाए जा रहे खुले तेल के नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आई नहीं है। यह मालूम किया जा रहा है कि खुला तेल कहां-कहां बेचा जा रहा है।
सैंपल लखनऊ प्रयोगशाला में रिसीव कराए गए
एफएसडीए के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षत गोयल ने बताया कि खण्डेलवाल एडिबिल ऑयल फैक्ट्री में छापा मारकर कई ब्रांडों के नाम से बेचे जाने वाले तेल के टैंकों से आठ नमूने भरे थे। उन नमूनों को लखनऊ की प्रयोगशाला में रिसीव करा दिया है। जल्द रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट से मिलावट की स्थिति स्पष्ट होगी। बता दें कि शनिवार को शाहजहांपुर और बरेली के अधिकारियों ने फैक्ट्री में छापा मारकर 22273 किलोग्राम तेल सीज किया, जिसकी कीमत 31.55 लाख रुपये बतायी गई। इधर, खण्डेलवाल एडिबिल ऑयल फैक्ट्री के मालिक दिलीप खंडेलवाल का कहना है कि सैंपलिंग होना रुटीन प्रक्रिया है, पहले भी हुई है। कुछ माल सीज किया है, नमूनों की रिपोर्ट आते ही बिक्री से रोक हट जाएगी।
